-
दुनिया
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-
प्रतिष्ठित VIT ग्रुप के सीहोर कॉलेज में कुप्रबंधन से नाराज छात्रों का हंगामा, गाड़ियां जलाईं, तोड़फोड़…जांच कमेटी बनी
-
19 जिलों के 3000 ग्रामों में होगा भू-अधिकार अभिलेख का वितरण: राजपूत
राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के 19 जिलों के 3000
ग्रामों में स्वामित्व योजना के तहत एक लाख 71 हजार हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का
वितरण किया जाएगा। बताया कि 6 अक्टूबर को जन-कल्याण और सुराज अभियान के तहत हरदा में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा भौतिक रूप से भूमि अधिकार पत्रों का वितरण होगा।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
अधिकार-पत्रों का होगा भौतिक वितरण
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 24 अप्रैल 21 को प्रदेश के 1399
ग्रामों में अधिकार अभिलेख का वितरण कोरोना महामारी के कारण इलेक्ट्रॉनिक रूप में किया गया
था, जिसका 6 अक्टूबर को भौतिक रूप से वितरण किया जाएगा।
प्रदेश में इस योजना का क्रियान्वयन तीन चरणों में 10-10 जिलों
को शामिल कर क्रमबद्ध रूप से प्रारंभ किया गया हैं।
24 जिलों में 24 ड्रोन बना रहे नक्शे
श्री राजपूत ने बताया कि स्वामित्व योजना में सर्वे ऑफ इंडिया
की सहायता से ग्रामों में बसाहट क्षेत्र पर ड्रोन के माध्यम से नक्शें
का निर्माण तथा डोर-टॅ-डोर सर्वे कर अधिकार अभिलेखों का
निर्माण किया जा रहा है। अभी तक प्रदेश के 42 जिलों में सर्वेक्षण
की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।24 ड्रोन 24 जिलों में कार्य रह रहे हैं इनमें से 6500 ग्रामों में ड्रोन
कार्य पूर्ण कर चुके हैं।
नियमों का किया सरलीकरण
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि हितग्राहियों को योजना का अधिक से अधिक लाभ प्रदान
करने के लिए सर्वे के नियमों का आज की आवश्यकता के अनुसार सरलीकरण किया गया है।
इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को विधिक दस्तावेज का दर्जा, सर्वे को समय सीमा में पूर्ण
करना, अभिलेखों को पारदर्शिता के साथ तैयार करना, सर्वे प्रक्रिया को ऑन लाइन करना और एप्प
के माध्यम सर्वेक्षक मौके पर धारक का नाम जोड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को राष्ट्रीय
स्तर पर सराहना मिली.




Leave a Reply