12 घंटो के भीतर चलती ट्रेन में हत्या का पर्दाफाश

राज्‍य स्‍तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल से जीआरपी कंट्रोल रूम भोपाल को एक जून को रात्रि लगभग 9 बजे सूचना प्राप्त हुई कि उज्जैन की ओर से आने वाली ट्रेन 08233 नर्मदा एक्सप्रेस के कोच डी-3 में एक महिला बेहोशी की हालत में पड़ी है।

           विशेष पुलिस महानिदेशक रेल सुधीर कुमार शाही और पुलिस महानिरीक्षक रेल महेन्द्र कुमार सिकरवार ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इन्‍हीं निर्देशों के पालन में पुलिस अधीक्षक सीहोर श्री शशीन्द्र सिंह चौहान, पुलिस अधीक्षक रेल श्री हितेश चौधरी तत्काल जिला पुलिस बल सीहोर, जीआरपी और आरपीएफ बल की टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। टीम ने घटना स्थल पर पहुँचकर पाया कि ट्रेन 08233 नर्मदा एक्स0 के कोच डी-3 में लगभग 22-23 साल की युवती का शव खून से लथपथ कोच के फर्श  पर पड़ा हुआ है। युवती के गले में धारदार हथियार (चाकू) से गला रेतकर हत्या करना प्रतीत हुआ, घटनास्थल के पास एक रक्त रंजित चाकू भी पड़ा मिला।

         घटना के संबंध में ट्रेन 08233 नर्मदा एक्स0 में ड्यूटीरत ट्रेनगार्ड, स्टेशन मास्टर सीहोर एवं मौके पर मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गई। घटनास्थल पर एफएसएल टीम, पुलिस डॉग , फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को बुलाकर बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया। मृतिका के पास मिले सामान, ट्रेन के टीटीई से प्राप्त रिजर्वेशन चार्ट आदि से उसकी पहचान मुस्कान हाडा पिता जयसिंह उम्र 23 साल नि0 सुखलिया इंदौर के रूप में हुई।

          प्रकरण में घटना स्थल का निरीक्षण करने पर हत्या की घटना स्पष्ट परिलक्षित हो रही थी। आसपास के यात्रियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतिका घटना से कुछ मिनटों पहले अपनी सीट से उठकर बाथरुम के पास गई थी। वहां एकाएक किसी लडके से विवाद की आवाज आई एवं तत्काल ही वह लडकी सीट की तरफ लड़खड़ाई। इसी बीच कोच का दरवाजा जोर से बंद होने की आवाज आई जिससे आरोपी ट्रेन से कूदकर भाग गया। इस समय ट्रेन धीमी गति से सीहोर स्टेशन के प्लेटफार्म में प्रवेश कर रही थी।

           मामले की संवेदनशीलता एवं गंभीरता को देखते हुये जिला बल सीहोर, जिला बल इंदौर, जीआरपी इंदौर, आरपीएफ के साथ ही जीआरपी भोपाल की तकनीकी शाखा व अन्य लगभग 10 टीमें समानांतर कार्य हेतु फील्ड में उतारी गई। पुलिस द्वारा बेहद तत्परता से मामले की पतारसी के प्रयास शुरु किए गये। अज्ञात आरोपी की तलाश हेतु तत्काल घटनास्थल के आस पास के इलाके की सर्चिंग कराई गई।      

      प्रकरण में मृतिका के परिजनों से पूछताछ की गई। परिजनों ने बताया कि युवती इंदौर में एक प्राईवेट कंपनी के कॉल सेंटर में काम करती थी। एक जून 2021 को मुस्कान अपनी कंपनी में काम करने वाली सहेली से मुलाकात करने नर्मदा एक्सप्रेस से भोपाल आ रही थी। ट्रेन में यात्रा के दौरान मृतिका के भाई की मृतिका से फोन पर बातचीत हुई तो उसने घबराते हुये परेशान होने के बात बताई और कहा कि ट्रेन में सागर सोनी उसका पीछा कर रहा है। परिजनों ने यह भी बताया कि मृतिका और सागर सोनी एक दूसरे को कई वर्षों से जानते थे और उनके बीच विवाद भी हुये है।

          संदेही सागर की तलाश हेतु थाना जीआरपी भोपाल एवं थाना जीआरपी हबीबगंज से विशेष टीमों को लगाया जाकर तलाश कराई गई। इन टीमों द्वारा संदेही सागर सोनी की गतिविधियों से संबंधित एवं साथियों के ठिकानों पर ताबड़-तोड़ दबिश दी गई। जिसके परिणामस्‍वरूप पुलिस ने सागर सोनी पिता राजेश सोनी उम्र 21 साल निवासी म0नं0 559 सिकंदरीसराय के पीछे स्टेशन बजरिया भोपाल को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। जब आरोपी को पकड़ा गया तब उसके कपड़ों एवं जूतों में खून के निशान साफ-साफ दिखाई दे रहे थे।

         पूछताछ में सागर सोनी ने बताया कि उसका परिवार पहले इंदौर में निवास करता था। इंदौर में रहने के दौरान पडो़स में रहने वाली मृतिका मुस्कान के साथ उसका प्रेम संबंध शुरु हो गया था। वह 05-06 साल के संपर्क एवं जान-पहचान के दौरान सागर ने मृतिका को बेहद प्रेम करना बताया किन्तु वर्तमान में महिला की तरफ से ऐसा कोई संबंध आरोपी को प्रतीत नहीं हुआ और बार-बार दोनों के बीच मनमुटाव व विवाद होते रहते थे। एक जून को मुस्कान के इंदौर से भोपाल आने की जानकारी सागर को पता चली। उसके बाद उसने मृतिका के अपने प्रति अप्रेमपूर्ण भाव को देखते हुये क्रोधवश जान से मारने का ठान लिया। उसने जान से मारने की नियत से पहले शराब पी और उसके बाद चाकू लेकर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिये शुजालपुर पहुँच गया। सीहोर स्टेशन आने से पहले सागर और मुस्कान के बीच बाथरुम के पास विवाद हुआ और सागर ने चाकू मारकर मुस्कान की हत्या कर दी। घटना के बाद सागर चाकू वहीं छोड़कर प्लेटफार्म में प्रवेश करती धीमी चलती ट्रेन से कूद कर उतर गया।

   अत्यंत संवेदनशील अपराध में तकनीकी एवं जमीनी स्तर की कई पुलिस इकाईयों की कई टीमों द्वारा समानांतर कार्य किया गया जिससे महज 12 घंटों में ही अंधे कत्ल का खुलासा हो गया।

प्रकरण के आरोपी को पकड़ने में अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल श्रीमती प्रतिमा एस मैथ्यू, उप पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल श्री एन के. रजक, सिटी पुलिस अधीक्षक सीहोर श्री दीपक नायक, थाना प्रभारी मंडी सीहोर निरीक्षक श्री मनोज मिश्रा, थाना प्रभारी एरोड्रम इंदौर निरीक्षक श्री राहुल शर्मा, थाना प्रभारी जीआरपी इंदौर निरीक्षक सुश्री गायत्री सोनी, उप निरीक्षक श्री आर.एन.रावत, श्री एच.एल. चौधरी, श्री श्रीसेन शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक श्री विजय तिवारी, श्री मूलचंद्र, श्री उमाशंकर, श्री ब्रजेश शर्मा, श्री नरेन्द्र रावत, आरक्षक श्री शैलेन्द्र, श्री देवेन्द्र, श्री राजेश शर्मा, श्री लीलाधर, श्री अखिलेश, श्री महेन्द्र सिंह, श्री वाजिद, श्री दयाशंकर तिवारी, श्री विक्रम, श्री नजर, श्री मयंक, श्री छतर सिंह, श्री संजय धाकड, श्री अनिल सिंह, श्री रामायण की सराहनीय भूमिका रही। साथ ही जिला बल सीहोर, जीआरपी इंदौर, जिला बल इंदौर, आरपीएफ, टेनगार्ड/टीटीई, ट्रेन के यात्रियों के द्वारा भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।

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