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हर साल 1000 करोड़ का घोटाला करता है राशन माफिया
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि 22 अगस्त को केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों द्वारा यह उजागर कर देने के बावजूद कि जहरीला जानवरों के खाने योग्य चावल राशन दुकानों से वितरित किया गया है। पूरी सरकार द्वारा नाटकीय सजगता दिखाकर छापे भी डाले जा रहे हैं। इसके बावजूद छतरपुर जिले के नौगांव ब्लॉक में रंगोली और मवइया प्राथमिक शाला में 3 सितंबर को जानवरों के खाने योग्य अनाज वितरित किया गया। जो हरपालपुर भंडार से भेजा गया था तथा शहडोल तथा बालाघाट से भेजा गया था।इसका अर्थ है कि पूरा प्रशासन दोषियों को पकड़ने की बजाय माल को खपाने के काम में लगा दिया गया है।
गुप्ता ने कहा कि यह राशन माफिया का रैकेट हर साल लगभग 1000 करोड़ का घोटाला करता है और नीचे से लेकर ऊपर तक जलेबियां शीरा पी जाती हैं। गुप्ता ने मांग की है कि 2016 में बालाघाट से 70 रैक गायब होने के समाचार सुर्खियों से प्रकाशित हुए थे उसकी जांच करने पर सारे राज खुल जाएंगे।
उन्होंने यह भी मांग की कि बालाघाट एवं गोंदिया वारासिवनी के मिलर्स के पिछले 10 साल के बिजली के बिल जांच के दायरे में लिये जाएं जिससे पता लगे कि मिलर्स की फैक्ट्री में मिलिंग हो भी रही थी या नहीं?
गुप्ता ने कहा कि यह माफिया अनुमानतः पिछले 10 साल से काम कर रहा है इसमें एफसीआई के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं इसलिए उन्हें भी जांच के दायरे में लाया जाए। एफसीआई क्योंकि केंद्र सरकार का संगठन है इसलिए जांच सीबीआई से कराना ही न्याय संगत होगा गुप्ता ने मांग की कि जिन अधिकारियों ने पूरे प्रदेश में छापामारी शुरू हो जाने के बावजूद स्कूली बच्चों को जानवरों के खाने योग्य अनाज सप्लाई किया है उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
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