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स्मार्ट सिटी के टेंडर गड़बड़ी शिकायत जांच में ईओडब्ल्यू ने जप्त किया रिकॉर्ड
मध्यप्रदेश में बनाई जा रहीं स्मार्ट सिटी के टेंडर में गड़बड़ी को लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) द्वारा भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट कार्यालय से दस्तावेज जप्त किए हैं। ईओडब्ल्यू द्वारा शुक्रवार दोपहर में जब स्मार्ट सिटी के दफ्तर पर कार्रवाई की गई तो करीब आधा घंटे तक टीम को कोई तवज्जो नहीं दी गई। टीम द्वारा अधिकारियों से शिकायत करने पर दस्तावेजों को उपलब्ध कराया गया।
मप्र के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट टेंडर में जिस सॉफ्टवेयर कंपनी एचपी को यह काम दिया गया है, उसका प्रदेश में स्मार्ट सिटी की कंसलटेंट कंपनी (प्राइस वाइस हाउस कूपर्स) पीडब्ल्यूसी से टेंडर खोले जाने के कुछ दिन पहले ही एमओयू हुआ था। उसमें दोनों कंपनियों ने देशभर में बनने वाली स्मार्ट सिटी के लिए साथ-साथ काम करने की शर्त भी बताई जाती है। पी़डब्ल्यूसी में नगरीय विकास विभाग के प्रमुख विवेक अग्रवाल के बेटे वैभव जुड़े हैं। भोपाल में टेंडर खुलने के छह दिन पहले हुए इस एमओयू को लेकर स्मार्ट सिटी से जुड़े नगरीय विकास विभाग के प्रमुख विवेक अग्रवाल ने सरकार के सामने यह तथ्य भी नहीं रखा और न ही उन्होंने सरकार से इस कारण अपने आपको जिम्मेदारी से दूर रखने का आग्रह ही किया। जब टेंडर में दूसरी कंपनियों को काम नहीं मिला तो शिकवा शिकायत शुरू हुई और बीएसएनएल भी आगे आई। मगर बाद में एचपी द्वारा बीएसएनएल को कथित रूप से टेंडर में से एक काम सौंप दिए जाने पर वह पीछे हट गई। ईओडब्ल्यू ने इसे जांच में लिया तो आईएएस एसोसिएशन द्वारा भी जांच एजेंसी पर आरोप लगाए गए कि वह नौकरशाहों को बदनाम कर रहा है। इसके चलते कुछ दिन जांच प्रभावित भी रही और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के रिकॉर्ड को हासिल करने की प्रक्रिया को कुछ दिन टाल दिया गया था। अब ईओडब्ल्यू ने फिर जांच में तेजी ला दी है।




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