सेनेटरी नैपकिन नष्ट करने की मशीन पांच गुना कीमत पर खरीदने का आरोप

किसान कांग्रेस के केदार शंकर सिरोही ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सैनेटरी नेपकिनों को नष्ट करने की मशीनों को पांच गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा जा रहा है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों आज भी सैनेटरी नेपकिन का प्रचलन ज्यादा नहीं है।

सिरोही ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि ग्रामीण अंचलों में आर्थिक रूप से कमजोर होने एवम  सेनेट्री नैपकिन की उपयोगिता के प्रति जागरूकता की कमी होने के कारण औऱ ग्रामीण व्यस्था के चलते सेनेट्री नैपकिन का उपयोग कम किया जाता है। Every Woman’s Health Right नाम से की गई स्‍टडी में ये बात सामने आई थी कि अभी भी हमारे देश में 88 फीसदी महिलाएं सेनिटरी नैपकिंस का प्रयोग नहीं करती हैं. वे आज भी पुराने तरीकों जैसे कपड़े, अखबारों या सूखी पत्तियों का प्रयोग करती हैं. इसका कारण ये है कि वे सेनेट्री नैपकिंस को खरीदने में सक्षम नहीं हैं.

सिरोही का कहना है कि वर्तमान में गाँव मे मात्र 5% तक ही महिलाएं सेनेट्री नैपकिन का उपयोग करती है जो कि आर्थिक रूप से सक्षम है एवम नैपकिन के डिस्पोजल की जगह स्वयं के घर पर रही है वो महिलाएं कभी भी दूसरे के घर या पंचायत पर Sanitary Napkin Pad Disposer Machine का उपयोग करने के लिए नही जाती है फिर भी मध्य प्रदेश की पंचायतों पर सेनेट्री नैपकिन पैड डिस्पोसर मशीन 5 गुना दाम पर  ग्राम पंचायत की प्राथमिकता नही होने पर भी क्यो दी जा रही है। जबकि एनजीटी (साऊथ झोन) ‘ चेन्नई ने 2015 मे एक जजमेंट देकर सनिवेस्ट को छोटे छोटे  इंसीनरेशन मशीन में जलाने के लिए और उसका डिस्पोजल करने के निर्देश दिये थे किंतु उसके बाद भी सीपीसीबी ने इसके बारे मे कोई गाईड लाईन नही दी थी ।  2016 के रुल्स मे भी इसके वेस्ट मॅनेजमेंट के लिए कोई सिस्टम परिभाषित नही किया गया था मगर 2018 में सेनीवेस्ट को बायो मेडिकल वेस्ट की कैटेगरी रखा गया। और ऊसका डिस्पोजल भी बायो मेडिकल की तरह करने के लिए गाईड लाइन बनाई गई है जिसमे की छोटे इन्सिनरेटर कहाँ इन्स्टॉल करने है उसके भी निर्देश दिये गये है एवम यह भी निर्देशित किया गया है कि छोटे इन्सिनरेटर में स्मोक और स्मेल नही आनी चाहिए। वर्तमान में  बड़े गिरोह की साठगांठ से अधिकांश पंचायतो को र Sanitary Napkin Pad Disposer Machine दी जा रही है जो कि तकनीकी औऱ व्यहवारिक रूप से उपयोगी नही है एवम इस हेतु सीपीसीबी ने भी मान्यता दी नही है।  

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