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सेंट्रल लाइब्रेरी में सजी कविता की महफ़िल
ब्लैक पोएट्री क्लब और मौलाना आज़ाद सेंट्रल लाइब्रेरी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सेंट्रल लाइब्रेरी में युवा कवियों का काव्य पाठ एवम आधुनिक कविताओं पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में चित्रांश खरे, मानस भारद्वाज , निवेश साहू, साजिद प्रेमी, सिद्धार्थ निगम, रविंद्र प्रजापति, सौरभ चढ़ार ने काव्य पाठ किया। काव्य पाठ का मुख्य आकर्षण इंदौर से आये शायर सतलज राहत इंदौरी रहे।
जानेमाने शायर सतलज राहत ने अपनी शायरी सुनाते हुए कहा “मैं तुम से बात करता हूं तो मुझको लफ्ज़ मिलते है, गज़ल में रंग भरना है मुझे तुम फोन कर लेना, कोई पूछे अगर सतलज से अब भी बात होती है, तो कहना फोन करना है मुझे तुम फोन कर लेना”।
काव्य पाठ करते हुए चित्रांश खरे ने अपनी कविता ‘जुदा तो हो गए लेकिन कहानी याद आएगी, वो रातों के हसीं मंज़र जवानी याद आएगी’। इसी खलिहान में मैने मेरा बचपन गुज़ारा है, दरोगा बन भी जाऊं तो किसानी याद आएगी’ सुनाई।




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