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सुल्तानगंज के अस्पताल में इलाज के लिये डाॅक्टर हैं न संसाधन, मरीज होते हैं परेशान
रायसेन जिले के सुल्तानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन माह से डाॅक्टर ही नहीं है। जिसके चलते आस-पास के गांवों से आने वाले गरीब मजदूर मरीजों को दर-दर भटकने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। इस मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायसेन से तीन सप्ताह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।
कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 70 गांवों की गरीब जनता इलाज कराने के लिये दूर-दराज के क्षेत्रों से यहां पहंुचती है, लेकिन जब उन्हें उचित उपचार नहीं मिल पाता, तो वह शहर के दूसरे मंहगे अस्पतालों मे इलाज करवाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बहदाली का आलम यह है कि यहां कभी कोई डाॅक्टर स्थाई रुप से लंबे समय तक रहा ही नहीं है। अभी तीन माह से यह अस्पताल डाॅक्टरविहीन है, जिससे क्षेत्र की गरीब जनता को अपना इलाज करवाए बिना ही वापस लौटना पड़ता है।




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