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सिपाही के हत्यारों को आजीवन कारावास, पढ़िये क्या था मामला

छतरपुर में पांच साल पहले दो सिपाही रात को दो युवकों के अपराध करने की नीयत से देशी कट्टा लहराने की सूचना मिली थी और वे उन लोगों को पकड़ने निकल पड़े। सिपाहियों के पहुंचने पर बदमाशों ने भागने की कोशिश की और एक सिपाही बालमुकुंद ने उनका पीछा किया तो बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। इसमें अब छतरपुर कोर्ट से दो आरोपियों नितिन कुशवाहा व अंकित दुबे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
बताया जाता है कि 20 अक्टूबर 2017 की रात को छतरपुर कोतवाली थाना क्षेत्र में नितिन कुशवाहा और अंकित दुबे कट्टा लहरा रहे थे। इस सूचना पर सिपाही बालमुकुंद और राजा भैया घटनास्थल के लिए रवाना हुए तो वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि नितिन व अंकित के पास कट्टा है। इसी बीच बालमुकुंद का वायरलैस सेट गिर गया तो वह उसे उठाने लगा और इस हड़बड़ी में बदमाश नितिन व अंकित भाग गए।
आमना-सामना होने पर झूमाझटकी भी हुई
बालमुकुंद-राजा भैया की नितिन व अंकित से आमना-सामना होने पर झूमाझटकी भी हुई। मगर दोनों भागे तो बालमुकुंद उनका पीछा करने दौड़ा और राजा भैया घटनास्थल से थाने आ गया। कुछ देर बाद जब बालमुकुंद वापस नहीं लौटा तो उसकी तलाश में राजा भैया अन्य पुलिसकर्मियों के साथ निकले। घटनास्थल के पास ही बालमुकुंद की लाश मिली और उसके सीने में गोली लगी पाई गई।
साक्ष्य और सबूत कोर्ट में पेश
अभियोजन की ओर से डीपीओ प्रवेश अहिरवार ने पैरवी करते हुए मामले के सबूत और गवाह कोर्ट में पेश किए। विशेष न्यायाधीश, अनु.जाति/अनु.जनजाति(अ.नि.) अधिनियम, उपेन्द्र प्रताप सिंह की अदालत ने आरोपी नितिन कुशवाहा एवं अंकित उर्फ जोन्टी दुबे को भादवि की धारा 302/34 का दोषी पाया। अदालत ने दोनों की हत्याराों को आजीवन कारावास एवं 500-500 रुपए के जुर्माना की सजा एवं 353 में 6 माह का सश्रम कारावास तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)A में 1-1 साल का सश्रम कारावास एवं 500-500 रूपये जुर्माना एवं आरोपी नितिन कुशवाहा को आर्म्स एक्ट की धारा 27 में 7 साल का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये जुर्माने की सुनाई।
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