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सिंधिया की चिंता, सात सप्ताह हो गए अब जल्द हो कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला
पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहां है कि कांग्रेस अध्यक्ष को इस्तीफा दिए 7 महीना हो गया अब जल्दी से जल्दी फैसला होना चाहिए. सिंधिया ने कहा की कार्यसमिति संयुक्त रूप से इस पर फैसला लेगी. उन्होंने कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर कहा कि इस पर गहन मंथन होना चाहिए. सिंधिया ने अपनी हार को स्वीकार करते हुए कहां कि मेरे से भी गलतियां हुई होंगी तभी मैं हारा.
सिंधिया ने बुधवार को विधानसभा सदन की कार्रवाई के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए बेबाक ढंग से अपनी और पार्टी को लेकर टिप्पणी की. सिंधिया ने कहा कि आज जो विधानसभा में कर्ज माफी और बिजली बातें कर रहे हैं. माफी पर उनके ही नेता ने नई दिल्ली में बिल्कुल साफ शब्दों में मना कर दिया था आज जब कांग्रेस राजस्थान पंजाब कर्नाटक छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश में किसान की कर्ज माफी कर रही है तो सवाल कर रहे हैं किसानों की कर्ज माफी नहीं है. उन्हें यह सवाल पूछने का अधिकार नहीं है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने वंशवाद पर तर्क दिया कि जब पत्रकार का बेटा पत्रकार इंजीनियर का बेटा इंजीनियर डॉक्टर के बेटा डॉक्टर बन सकता है तो नेता का बेटा नेता क्यों नहीं बन सकता. ऐसा नहीं कि वंशवाद से आए नेता सभी जीत गए हो. कई मेरे जैसे हैं जो कि चुनाव हारे भी हैं. प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी कहा कि हमारे यहां मोदी सरकार जैसा नहीं है कोई बोल नहीं सकता. कांग्रेस में अरे को अपनी बात रखने का अधिकार है. हर व्यक्ति मंत्री या मुख्यमंत्री से सवाल कर सकता है.




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