अंतर्राष्ट्रीय दस दिवसीय ”सायबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन एवं इंटेलीजेंस समिट” का आज वर्चुअल शुभारंभ कर गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि देश-काल और परिस्थितियाँ अपराध के तौर-तरीकों में बदलाव लाती हैं। सायबर अपराध की रोकथाम के लिये सटीक कार्य-योजना की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस समिट से सायबर अपराध की चुनौतियों से सभी अवगत होंगे तथा आधुनिक तकनीकों से परिचित होंगे जिससे सभी प्रतिभागियों के कौशल उन्नयन में मदद मिलेगी।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि विचारों के आदान-प्रदान रूपी मंथन से समिट में निश्चित ही अमृत निकलेगा जो अपराधों की रोकथाम तथा अपराधियों को चिन्हित कर कानून की गिरफ्त में लाने में सहयोगी साबित होगा। पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के साथ-साथ देश के लिए भी सायबर क्राइम बड़ी चुनौती है। कोरोना काल में आनलाइन अपराधों में वृद्धि देखी गयी है। इस समिट के माध्यम से नवीन तकनीक तथा विवेचना के गहन पहलू तथा अपराधियों द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली को समझने की क्षमता और बेहतर होगी जिससे अपराधों की रोकथाम प्रभावी रूप से की जा सकेगी। समिट को सीबीआई के पूर्व निदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला तथा स्पेशल डीजी (ट्रेनिंग) श्रीमती अरूणा मोहन रॉव ने भी संबोधित किया। डीजीपी रिसर्च एण्ड पॉलिसी सेल, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित सायबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन एवं इंटेलिजेंस समिट (CIIS) 2021 में यूनिसेफ, क्लीयर ट्रेल और सॉफ्ट क्लिक्स भी सहयोगी हैं।
पुलिस अकादमी भौरी में सायबर क्राइम एन्वेस्टीगेशन एण्ड इंटेलिजेंस समिट (CIIS) के सहयोगी यूनिसेफ प्रतिनिधि श्री मौलिक जैन, वाइस प्रेसिडेंट एण्ड को-फाउंडर क्लीयर टेल श्री मनोहर कटौच, सॉफ्ट क्लिक्स फाउंडेशन से श्री राकेश जैन और निदेशक मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी श्री राजेश चावला उपस्थित रहे। गृह मंत्री डॉ. मिश्रा को एआईजी ट्रेनिंग सुश्री इरमिन शाह ने प्रतीक चिन्ह भेंट किया। पुलिस अकादमी भौरी में डीआईजी प्रशिक्षण श्री विनीत कपूर ने अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किये। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सायबर सेल) श्री योगेश देशमुख ने आभार व्यक्त किया।
Leave a Reply