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सांसद डॉ.केपी यादव को मिला स्थगन
ज्योतिरादित्य सिंधिया को लोक सभा चुनाव में पराजित करने वाले गुना-शिवपुरी सांसद डॉ.के.पी. सिंह यादव व उनके पुत्र के जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने संबंधी एसडीएम की कार्रवाई व पुलिस द्वारा गलत की तरीके से दर्ज की गई एफआईआर पर गुरुवार को माननीय मप्र उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश पारित किया है।
भारतीय जनतापार्टी के जिला मीडिया प्रभारी देवेन्द्र ताम्रकार ने बताया कि सांसद डॉ.के.पी. सिंह यादव के अधिवक्ता श्री एमपी सिंह रघुवंशी एवं श्री धर्मवीर सिंह परिहार ने सांसद जी की ओर से माननीय उच्च न्यायालय में पैरवी की। मा.उच्च न्यायालय ने एसडीएम द्वारा की गयी समस्त कार्यवाही को प्रथम दृष्टया विधि विरुद्ध पाया तथा अनुविभागीय अधिकारी द्वारा निरस्त किए गए उक्त आदेश तथा उससे उत्पन्न समस्त कार्यवाही को स्थगित कर दिया है। मीडिया प्रभारी ताम्रकार ने बताया कि सांसद जी पर राजनैतिक दबाव में प्रशासन ने द्वेषपूर्ण कार्यवाही की है।
अधिवक्ताओं ने अपनी उच्च न्यायालय में अपनी दलील देते हुए कहा कि एसडीएम मुंगावली द्वारा गलत प्रक्रिया का पालन करते हुए वर्ष 2014 में बना प्रमाण पत्र निरस्त किया गया है।
वहीं सांसद केपी यादव एवं उनके पुत्र पर अशोकनगर पुलिस द्वारा गलत तरीके से एफआईआर दर्ज की गई है।
मीडिया प्रभारी ने बताया कि सांसद के विरुद्ध यह मामला राजनैतिक षणयंत्र के तहत प्रशासन द्वारा दबाव में कार्रवाई की गई है। ताम्रकार ने बताया कि हमारी न्यायपालिका में पूर्ण आस्था है, हमारे साथ न्याय होगा तथा सत्य की विजय होगी।




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