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सरकार नई कृषि बीमा योजना लाने की तैयारी में।
सरकार नई कृषि बीमा योजना पर काम कर रही है। इसमें खेती में काम आने वाले सभी उपकरण और कृषि ऋण भी शामिल होगा। आज मुंबई में नाबार्ड के स्थापना दिवस समारोह में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि वर्तमान फसल बीमा योजनाओं में किसान द्वारा बैकों से लिया हुआ ऋण ही शामिल है। श्री जेटली ने स्वीकार किया कि देश कृषि क्षेत्र में निरंतर चार प्रतिशत वृद्धि दर हासिल नहीं कर पाया है। श्री जेटली ने कहा कि उत्पादकता स्तर बहुत कम है और 85 प्रतिशत किसान लघु और सीमांत हैं। कृषि क्षेत्र में काम आने वाले साधनों की अधिक लागत, सिंचाई की कमी, अधिक कर्ज, कारगर बीमा व्यवस्था के अभाव और जलवायु परिवर्तन की प्रतिकूल की असर की चुनौतियों से जूझ रहा है। समारोह में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एच आर खान ने बार-बार कृषि ऋण माफ न करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कर्ज का बोझ इस तरह के त्रासद कदमों का एकमात्र कारण नहीं है बल्कि फसल को नुकसान, सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिस्थितिक जैसे अन्य कारणों से भी किसान आत्महत्या के लिए मजबूर होते हैं।




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