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समावेशी विकास की राजनीति में दुश्मनी का कोई स्थान नहीं: गौतम
विंध्य मांगे मोर कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ने रखी अपनी बात विंध्य अंचल ने विगत 2 दशक में तेजी से विकास किया है और आज विंध्य अंचल भी विकास के हर मानदंड पर खरा उतर रहा है। विकास के लिए की जाने वाली राजनीति में कटुता और दुश्मनी का कोई स्थान नहीं है, सभी के सहयोग से ही समावेशी विकास संभव है। यह बात मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष गिरीश गौतम ने गुरुवार को रीवा के राजकुमारी सभागार में प्रदेश के एक प्रतिष्ठित समाचार चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम श्विंध्य मांगे मोर- विकास के पथ पर विंध्य कार्यक्रम में कही।
1967 में जब गोविंद नारायण सिंह मुख्यमंत्री बने तब बाण सागर परियोजना की शुरूआत हुई। बाद में 1977 में इस परियोजना की फिर से शुरूआत हुई थी। लेकिन बीच में इसकी गति धीमी हो गई थी, लेकिन 2003 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद बाण सागर परियोजना को गति मिली और इस क्षेत्र का विकास हुआ है।
गौतम ने विंध्य क्षेत्र की तुलना मालवा अंचल या प्रदेश के किसी दूसरे अंचल से नहीं की जा सकती है, क्योंकि वे क्षेत्र पहले से ही संसाधनों से परिपूर्ण रहे हैं, लेकिन अब विंध्य क्षेत्र भी विकास की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसी लिए इस क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
गौतम ने कहा कि विंध्य अंचल की संस्कृति सभी को आदर और सम्मान देने वाली है। हमें हमारी संस्कृति, हमारी पहचान, हमारे संस्कार और हमारी परंपराओं को सहेजने की जरूरत है।




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