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समस्या निराकरण हेतु नागरिकों का विश्वास विधानसभा पर बढ़ा: गौतम
मध्यप्रदेश विधानसभा की नवगठित संसदीय समितियों की पहली बैठक सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में हुई। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने संसदीय समितियों के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि गत वर्षो के दौरान प्रदेश की जनता का विधान सभा की ओर अधिक ध्यान आकर्षित हुआ है। नागरिकों ने समिति की महत्ता को इसके कार्यकारी निरीक्षण और नागरिकों के हितों के प्रतिनिधित्व करने में इसकी भूमिका के कारण महसूस किया है। विधानसभा में आने वाली शिकायतों का निराकरण होना हम सभी की पहली प्राथमिकता होना चाहिए। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री डाँ. नरोत्तम मिश्रा एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व संसदीय कार्य मंत्री डाँ. गोविन्द सिंह तथा विधान सभा के प्रमुख सचिव श्री ए.पी.सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री गौतम ने कहा कि विधानसभा की समितियों में सदन के वरिष्ठ एवं अनुभवी सदस्य हैं। इनके अनुभव का लाभ हम सभी को प्राप्त हो रहा है। विधानसभा में प्रस्तुत की जा रही याचिकाओ की अत्यधिक संख्या ही इस बात का प्रमाण है हमारी याचिका / अभ्यावेदन समिति में नागरिकों की शिकायते निरंतर आ रही है, मुझे प्राप्त शिकायतों को भी मैंने अभ्यावेदन समिति को अग्रेषित किया है।
श्री गौतम ने कहा कि मै सदस्यों से अपेक्षा करुगा समिति की सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्यवाही की निरंतर समीक्षा होना चाहिये, कि समिति द्वारा की गई टिप्पणियों और सिफारिशों को कितना कार्यान्वित किया गया है । समितियों के समक्ष विभागों द्वारा की गई कार्यवाही पर प्रतिवेदन सौपे जाने में विलंब के अनेक मामले है जिन पर समिति को आगे आकर समय सीमा पूर्ण कराने हेतु कार्यवाही करना चाहिये । यदि आवश्यक समझे तो इस संबंध में मुख्य सचिव के साथ बैठक कर शीघ्र निराकरण कराने का प्रयास करें, मैं भी इस बैठक में आपके साथ रहूँगा ।
श्री गौतम ने कहा कि लोकसभा ने एक प्रणाली बनायी है कि यदि किसी मंत्रालय से संबंधित विभाग के अधिकारी समिति के समक्ष व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होने में असफल हो रहे है । तो वे समिति के समक्ष उपस्थिति की छूट पर अनुमति पाने के लिए मंत्रिमंडल के सचिव अथवा अपने मंत्री के अनुमोदन से अपनी असमर्थता को कारण बताते हुये समिति के सभापति को पत्र भेज सकते है , ऐसा अनिवार्य है । इससे अधिकारियों द्वारा अकारण अनुपस्थित रहने पर रोक लग सकेगी एवं कार्य में गति आएगी।
श्री गौतम ने कहा कि विधान सभा में कुछ ऐसी भी समितियां है । जिनका जांच करने का कार्य है । वे है ” याचिका समिति ” तथा विशेषाधिकार समिति कार्यपालिका द्वारा व्यथा का निराकरण न होने पर सदन से उनके निकारण की आशा करते है , इसलिये सार्वजनिक व्यवस्थाओं को देखने का काम ” याचिका समिति ” द्वारा किया जाता है । यह समिति सर्व साधारण जनता और सरकार के बीच सक्रिय संबंध का साधन होती है । इस समिति ने जनता द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक याचिका की जांच कर, प्रतिवेदन एवं सिफारिश करती है।
बैठक को संबोधित करते हुए संसदीय कार्यमंत्री डाँ नरोत्तम मिश्रा ने कि नए सदस्यों का प्रशिक्षण समय−समय पर होते रहना चाहिए, ताकि उन्हें संसदीय ज्ञान एवं नियमों का अनुभव हो सके। डाँ मिश्रा ने सदस्यों के अध्ययन दौरे कराने पर बल देते हुए कहा कि इससे सदस्यों को न केवल दूसरे राज्यों की व्यवस्था का ज्ञान होता है बल्कि पक्षा−विपक्ष के सदस्यों के बीच समन्वय भी बढ़ता है।
संयुक्त बैठक में समितियों के सभापतियों में प्रश्न एवं संदर्भ समिति− श्री केदारनाथ शुक्ल, याचिका समिति− श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, सदस्य सुविधा समिति− श्री शैलेन्द्र जैन, कृषि विकास समिति− श्री बहादुर सिंह चौहान, गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति− श्री विजयपाल सिंह, शासकीय आश्वसनों संबंधी समिति− श्री जालम सिंह पटेल, विशेषाधिकार समिति− डाँ. राजेन्द्र पाण्डेय, पटल पर रखे गये पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति− श्री पंचूलाल प्रजापति, महिलाओं एवं बालकों के कल्याण संबंधी समिति− श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड एवं प्रत्यायुक्त विधान समिति− श्रीमती गायत्रीराजे पवार, सुरेन्द्र पटवा, हुकुम सिंह कराड़ा, डाँ विजय लक्ष्मी साधो, पूर्व मंत्री पारस जैन एवं लाखन सिंह यादव भी उपस्थित रहे।
विधानसभा अध्यक्ष श्री गौतम ने संयुक्त सत्र के बाद नियम समिति के सभापति के रूप में समिति की बैठक ली। माननीय अधयक्ष ने सदस्यों के सत्कार के संबंध में सदस्य सुविधा की पृथक-पृथक बैठक भी ली। लोकलेखा समिति के सभापित श्री पीसी शर्मा की अधयक्षता में लोकलेखा समिति की बैठक भी हुई।
विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री एपी सिंह ने स्वागत भाषण दिया तथा समितियों के संबंध में विस्तृत परिचय दिया साथ ही माननीय सदस्यों को समिति के अधिकार एवं कर्तव्यों पर भी प्रकाश डाला इस अवसर पर प्रश्न एवं संदर्भ समिति के सभापति श्री केदार शुक्ला तथा पूर्व मंत्री डाँ. गोविन्द सिंह ने भी संबोधित किया एवं श्री यशपाल सिसौदिया ने आभार प्रगट किया। इस अवसर पर दिवंगत हुए सदस्यों श्री बृजेंद्र सिह राठौर, सुश्री कलावती भूरिया एवं श्री जुगल किशोर बागरी के निधन पर 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई ।
आज श्री पी.सी.शर्मा सभापति लोक लेखा समिति की अध्यक्षता में लोक लेखा समिति की बैठक हुई जिसमें लोक लेखा समिति के पूर्व सभापति स्व. श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर के निधन पर 2 मिनट का मौन रख कर श्रंद्धाजंलि अर्पित की गई ।




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