सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास भारतीय जनता पार्टी का मूल मंत्र है। प्रदेश सरकार ने राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर जो घोषणाएं की हैं, वे समरसता के साथ सबका साथ और सबका विकास की भावना को ही प्रदर्शित करती हैं। मैं जनजातियों के हित में की गई इन घोषणाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को धन्यवाद देता हूं और प्रदेश की जनता को बधाई देता हूं।
यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने रविवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कही। श्री शर्मा ने बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर जनजातीय नायकों को सम्मान देने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह का भी आभार जताया। प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा उन क्रांतिकारियों के बारे में सोचती रही है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। आजादी का अमृत महोत्सव ऐसे ही योद्धाओं से नई पीढ़ी का परिचय कराने का प्रयास है। श्री शर्मा ने कहा कि शहीदों, क्रांतिकारियों के प्रति ऐसी ही भावना से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाए जाने की घोषणा की है और इस दिन शासकीय अवकाश भी रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने राजा शंकरशाह, रघुनाथशाह के शहादत स्थल पर उनका स्मारक बनाए जाने की घोषणा की है, जो जनजातीय नायकों के प्रति सरकार की भावना को दिखाता है।
समरसता के साथ देंगे अधिकार
श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बलिदान दिवस पर जबलपुर में जनजातीय समाज के लिए जो घोषणाएं की हैं, उनका लाभ प्रत्येक व्यक्ति को दिलाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता काम करेंगे और सभी जनजाति बहुल 89 विकासखंडों में जागरूकता का प्रयास करेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और उनके अधिकारों के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल एरिया यानी ‘पेसा एक्ट’ लागू करने की घोषणा की है। इसके अंतर्गत पेसा ग्राम सभाओं का गठन होगा, जो खुद अपने लिए योजनाएं बनाएंगी। लेकिन इसमें इस बात का ध्यान रखा गया है कि किसी गैर जनजातीय व्यक्ति के साथ किसी तरह का अन्याय न हो। सरकार ने राशन आपके द्वार योजना की घोषणा की है, जिसके अंतर्गत जनजातीय गांवों में घर-घर राशन पहुंचाया जाएगा। जनजातीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने यह प्रावधान भी किया है कि जिस गाड़ी से राशन भेजा जाएगा, वो गाड़ी भी जनजातीय समाज के किसी व्यक्ति की ही होगी। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनजातीय समाज को सामुदायिक वन प्रबंधन का अधिकार दिया है, जिसके लिए सभी को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनजातीय लोगों के रोजगार और आजीविका को ध्यान में रखकर देवारण्य योजना तथा औषधीय पादप बोर्ड के गठन की भी घोषणा की है।
शैक्षणिक, आर्थिक विकास पर जोर
श्री शर्मा ने कहा कि जनजातीय समाज को साहूकारों के शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने साहूकारी अधिनियम को प्रभावी बनाया है। सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए 15 नवंबर से अभियान चलाया जाएगा। जनजातीय समाज के बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता के विकास के लिए सरकार ने 8 वीं, 9 वीं कक्षाओं से ही जेईई तथा नीट परीक्षाओं के लिए फाउंडेशन कोर्स एवं स्मार्ट क्लास शुरू करने की घोषणा की है। 8 वीं के बाद स्कूल छोड़ देने वाले बच्चों में कौशल विकास के लिए आईटी, भवन निर्माण, जैविक खेती तथा कृषि उपकरण का प्रशिक्षण दिया जाएगा और हर ग्राम पंचायत में ऐसे चार ग्रामीण इंजीनियर तैयार किए जाएंगे। जनजातीय युवाओं को मुर्गी, बकरी और मछली पालन के लिए एकीकृत योजना शुरू की जाएगी, जिसमें उन्हें प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता एवं बिक्री की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। बैकलॉग के पदों पर जनजातीय युवाओं की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस एवं सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए जनजातीय युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जनजातीय समाज के हितैषी होने का ढोंग रचते हैं कमलनाथ
प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जनजातीय समाज के हितैषी होने का सिर्फ ढोंग करते हैं। हर बात पर झूठ बोलने वाले कमलनाथ जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब वे अन्य जिलों की सिंचाई योजनाएं, सड़कें, मेडिकल कॉलेज, बजट आदि सभी चीजों को छिंदवाड़ा ले गए, लेकिन उस समय उनका ध्यान जनजातीय समाज के हित पर नहीं गया। हमारी सरकार ने अब छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का नाम राजा शंकरशाह के नाम पर करने का फैसला किया है, जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री चौहान को बधाई देता हूं।
सिद्धू पर लगे आरोपों की जांच कराएं सोनिया गांधी
प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कैप्टन अमरिंदर ने नवजोतसिंह सिद्धू पर जो आरोप लगाए हैं, वो गंभीर हैं। ये देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। एक मुख्यमंत्री यदि किसी पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, वहां के सेनाध्यक्ष से संबंध रखने का आरोप लगाता है, तो मामला निश्चित रूप से गंभीर है। सोनियां गांधी को इन आरोपों की गंभीरता से जांच कराने के लिए पहल करनी चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करती हैं, तो इसका मतलब है कि वे देश की सुरक्षा नहीं चाहतीं।
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