संघ के वरिष्ठ प्रचारक प्रभाकर केलकर का निधन

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक व भारतीय किसान के संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभाकर राव केलकर का लंबी बीमारी के बाद 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। एक महीने पहले प्रभाकर राव केलकर को कोराना हुआ था,कोराना के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाए और उपचार के दौरान राजधानी के निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। प्रभाकर केलकर के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए भारतीय किसान संघ के प्रदेश कार्यालय में रखा गया था। उनका अंतिम संस्कार 31 अक्टूबर को उज्जैन के चक्रतीर्थ मुक्तिधाम में किया जाएगा। केलकर के निधन का समाचार मिलते ही संघ के स्वयंसेवकों व किसान संघ के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर फैल गई।

प्रभाकर केलकर के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, भारतीय किसान संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी, उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री शिवकांत दीक्षित , मध्य प्रांत के संगठन मंत्री मनीष शर्मा,युवा वाहीनी के प्रांत प्रमुख राहुल धूत ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। इनके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ,पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे सहित अन्य लोगों ने प्रभाकर केलकर ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। 
 प्रखर वक्ता व कुशल संघटक स्व. श्री केलकर ने प्रचारक जीवन का लम्बा समय मध्यप्रदेश में कार्य करते हुए गुजारा था। मध्यप्रदेश में उनके तैयार किए हुए हजारों कार्यकर्ता आज राष्ट्रकार्य में जुटे हुए हैं। 
-जीवन परिचय-
स्व. श्री केलकर बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आ गए थे। 1975 में आपातकाल के दौरान वे पूरे समय मीसा में निरुद्ध रहे थे। कारावास के दौरान ही उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्रकार्य को समर्पित करने का संकल्प ले लिया था और आपातकाल के समाप्त होने के बाद वे  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में राष्ट्रकार्य में लग गए। स्व. श्री केलकर ने प्रांत के कई जिलों में जिला प्रचारक व विभाग प्रचारक के रूप में कार्य किया और हजारों निष्ठावान समर्पित कार्यकर्ताओं को तैयार किया। वे लम्बे समय तक रतलाम-मंदसौर में विभाग प्रचारक रहे। इसी दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और उन्हीं की प्रेरणा से रतलाम-मंदसौर क्षेत्र के हजारों रामभक्तों ने अयोध्या पहुंचकर कारसेवा में हिस्सेदारी की थी। 
वर्ष 1995-96 में स्व. श्री केलकर को भारतीय किसान संघ में मध्यप्रदेश के संगठन मंत्री का दायित्व दिया गया। भारतीय किसान संघ के प्रदेश संगठन मंत्री के रूप में उन्होंने पूरे मध्यप्रदेश का सघन प्रवास किया और पूरे प्रदेश के किसानों को संगठित कर जागरुक किया। उनके संगठनमंत्री रहने के दौरान मध्यप्रदेश के किसानों की अनेक समस्याओं के लिए आंदोलन किए गए। बिजली समस्या, कृषि उपज मंडी में किसानों को होने वाली परेशानियों जैसे मुद्दों पर उनके नेतृत्व में किसानों के आंदोलन हुए। 
उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए बाद में उन्हें भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय मंत्री का दायित्व सौंपा गया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी भूमिका का सफलता पूर्वक निर्वाह किया। उस समय पूरे देश पर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का खतरा मंडरा रहा था, उस समय स्व. ठेंगड़ी जी के नेतृत्व में डब्ल्युटीओ के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन हुआ। उस समय श्री केलकर ने किसानों को भी डब्ल्यूटीओ के विरोध में संगठित किया। श्री केलकर की नेतृत्व क्षमता और संगठन कौशल को देखते हुए वर्ष 2009 में उन्हें भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री का दायित्व सौंपा गया। पूरे संगठन का दायित्व दिए जाने के साथ ही इनका केन्द्र दिल्ली हो गया था। 
राष्ट्रीय महामंत्री रहते हुए श्री केलकर ने सुदूर पूर्वोत्तर के राज्यों से लगाकर देश के प्रत्येक राज्य का प्रवास किया और भारतीय किसान संघ को एक नई दिशा दी। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय किसान को देश के प्रत्येक राज्य में मजबूत संगठन खड़ा हो गया। देशभर के किसानों को संगठित करने के बाद किसानों को लागत के आधार पर फसलों का लाभकारी मूल्य दिलवाने के लिए राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन छेड़ दिया गया। इसी आंदोलन के तहत वर्ष 2013 में नई दिल्ली के रामलीला मैदान पर लाखों किसानों की ऐतिहासिक रैली आयोजित की गई थी। इसी आंदोलन के दौरान श्री केलकर ने किसानों की समस्याओं को लेकर तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से भेंट की और उन्हें किसानों की समस्याओं से अवगत कराया था। 
वर्ष 2014 के बाद स्व. श्री केलकर को भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष का दायित्व दिया गया था। नई दिल्ली में किसान संघ के कार्यालय भवन का निर्माण भी उन्हीं के प्रयासों का परिणाम था। पिछले कुछ समय से उन्होंने भोपाल को अपना केन्द्र बना लिया था। 
स्व. श्री केलकर ओजस्वी वक्ता थे, कुशल संगठक थे। वे बहुत अच्छे गायक भी थे और संघ गीतों का सुमधुर गायन श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देता था। वे कवि और गीतकार भी थे। उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था। उनके निधन से न सिर्फ किसान संघ को वरन, पूरे देश को अपूर्णीय क्षति हुई है। 

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