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प्रत्येक शहीद को कम से कम एक करोड़ के मुआवजे का ऐलान
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमाओं की रक्षा करना सीमा सुरक्षा बल का कर्तव्य है, लेकिन उसके इस कर्तव्य की कोई सीमा नहीं हैं। नई दिल्ली में बल के अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि पड़ोसी देश पर पहली गोली नहीं चलाई जानी चाहिये, लेकिन अगर सीमा सुरक्षा बल पर गोली चलती है तो बल भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है और इससे यह नहीं पूछा जाएगा कि उसने ऐसा क्यों किया।
पहली गोली तो पड़ोसी पर नहीं चलनी चाहिए, उधर से चल जाती है तो क्या करना है इसका फैसला आपको करना है। फिर नहीं कोई पूछेगा कि आपने ऐसा क्यों किया और मैं कह सकता हूं कि इस जिम्मेदारी का बखूबी निर्वाह कर रहे हैं और अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए जिस तरीके से हमारे बहुत सारे जवान शहीद हुए हैं, बेहद तकलीफ होती है। राष्ट्र के लिए बलिदान देना मैं समझता हूं कि इससे बड़ा बलिदान किसी भी समाज के लिए, किसी राष्ट्र के लिए और कोई दूसरा नहीं हो सकता।
गृहमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान से लगी देश की अधिकतर सीमाएं सील की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई में शहीद हुए अर्धसैन्य बल के प्रत्येक जवान के परिवार को दिया जाने वाले मुआवज़ा एक करोड़ रूपये से कम नहीं होगा। श्री सिंह ने कहा कि शहीदों के परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बल के अधिकारियों और जवानों को वीरता पुरस्कार भी प्रदान किये।




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