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विविध कलानुशासनों की गतिविधियों का ऑनलाइन प्रदर्शन
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की विभिन्न अकादमियों द्वारा कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बहुविध कलानुशासनों की गतिविधियों पर एकाग्र श्रृंखला ‘गमक’ का ऑनलाइन प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर किया जा रहा है। श्रृंखला के अंतर्गत आज जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से उज्जैन के रामचंद्र गांगुलिया एवं साथी कलाकारों द्वारा मालवी स्वराज गायन और राजगढ़ के सोनी मालवीय एवं साथियों की ओर से मटकी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई । कार्यक्रम का प्रसारण विभाग के यूट्यूब चैनल https://youtu.be/StdV_IRvxPk और फेसबुक पेज https://www.facebook.com/events/915517275701967/?sfnsn=wiwspwa पर लाइव प्रसारित किया गया।
प्रस्तुति की शुरुआत रामचंद्र गांगुलिया एवं साथियों द्वारा मालवी स्वराज गायन से हुई| कलाकार गांगुलिया ने प्रस्तुति की शुरुआत देश भक्ति गीत- भाई रे म्हारा भारत देश है प्यारो से की उसके पश्चात चाल-चाल म्हारा चक्र सुदर्शन…, तुम हो निगेवा इस धरती के…, मातृभूमि के लिए कुर्बान हे रे…, और धीरे आनदे रे जरा धीरे आनदे…, से अपनी प्रस्तुति को विराम दिया| प्रस्तुति में सहगायन में- अजय गांगुलिया, शिवानी गांगुलिया ने और ढोलक पर- विजय गांगुलिया, वायलिन पर- देवनारायण सारोलिया एवं वांगो पर मनोज घुड़ावत ने सांगत की|
दूसरी प्रस्तुति सोनी मालवीय और साथियों ने मालवांचल के मटकी लोकनृत्य की दी | प्रस्तुति में देवी- देवताओं की आराधना करते हुए नृत्य किया। इसके बाद पारंपरिक मटकी लोकनृत्य में- आड़ा, खड़ा, राजवाड़ी, कहरवा, मटकी एवं फूंदी पर नृत्य प्रस्तुत किया| मटकी मालवा का पारम्परिक नृत्य है, जो कि विभिन्न त्योहारों तथा खुशियों के अवसर पर किया जाता है, मटकी का वास्तविक अर्थ मटकने से लिया जाता है । मटकी नृत्य की परम्परा मालवा के जनपदीय क्षेत्रों में शताब्दियों से रही है|
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श्रृंखला के अंतर्गत 01 सितम्बर, 2021 को सायं 07:00 बजे से । उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी की ओर से पुनीत वि. त्रिवेदी के निर्देशन में बुन्देली बोली में ‘द्विज कथा’ का नाट्य मंचन होगा | इस प्रस्तुति का प्रसारण विभाग के यूट्यूब चैनल- https://youtube.com/channel/UCL_bmi2Ls6zFZdM3re6QzAQ और फेसबुक पेज https://www.facebook.com/MPTribalMuseum/live/ पर लाइव प्रसारित किया जायेगा।




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