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विविध कलानुशासनों की गतिविधियों का ऑनलाइन प्रदर्शन
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की विभिन्न अकादमियों द्वारा कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बहुविध कलानुशासनों की गतिविधियों पर एकाग्र श्रृंखला ‘गमक’ का ऑनलाइन प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर किया जा रहा है। श्रृंखला के अंतर्गत आज मराठी साहित्य अकादमी की ओर से “मुक्तिधाम” एकांकी नाटक का मंचन किया गया। इस नाट्य का आलेख अंबर विनोद हड़प और निर्देशन इंदौर के सतीश मुंगरे ने किया। कार्यक्रम का प्रसारण विभाग के यूट्यूब चैनल https://youtu.be/GfDPgRBovNk और फेसबुक पेज https://www.facebook.com/events/211587960844498/?sfnsn=wiwspwa पर लाइव प्रसारित किया गया। यह प्रस्तुति मराठी अकादमी के निदेशक उदय परांजपे के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई।
यह नाट्य वर्तमान एकांकी जीवनशैली पर पुनर्विचार के लिए मजबूर करता है। जिसमें बताया कि मानव का वर्तमान जीवन आत्म केंद्रित हो गया है। पैसा कमाने की रोज की आपाधापी और उधेड़बुन में व्यस्त मनुष्य के पारिवारिक रिश्ते सिकुड़ गए है. कौटुंबिक रिश्तों को निभाना एक औपचारिकता मात्र रह गई है। अपने रिश्ते और संबंधो में भी जीवंतता एवं कर्तव्य बोध अभाव परिलक्षित हो रहा है। ऐसे में जीवन नीरस, एकांकी और उदास बन गया है। इस परिस्थिति से उबरना आवश्यक है। अतः मुक्तिधाम नाटक जीवन के इस गंभीर समस्या पर विस्तार से प्रकाश डालता है। इस नाटक के सभी कलाकारों ने जीवंत अभिनय किया। नाटक के संवाद व्यक्ति को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करते हैं। नाटक में गिरीश रेम्भोटकर, मधुसूदन जठार, पलाश पंडित, निलीमा होलकर, विनय बोकिल, सतीश मुंगरे ने अपना अभिनय कौशल दिखाया है।




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