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लकवा पीड़ित महिला ने जमा पूँजी प्रधानमंत्री राहत कोष में दान की
कोरोना संक्रमण को परास्त करने एवं पीड़ितों के सहायतार्थ देश के छोटे- बड़े कारोबारी, उद्यमी, जनप्रतिनिधि, अभिनेता व शासकीय मुलाज़िम तो आगे आ ही रहे हैं, पर वो भी पीछे नहीं हैं जो खुद असहाय हैं, मगर उनका हौसला बहुत बड़ा है। राजगढ़ जिले में निवासरत लकवा ग्रस्त 63 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उसने अपनी जमा पूँजी प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए दान कर दी है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर कस्बे की निवासी लकवा पीड़ित महिला श्रीमती सुशीला बाई ने कोरोना महामारी से देश को बचाने के लिए थाना प्रभारी खिलचीपुर श्री वीरेंद्र धाकड़ के सामने प्रधानमंत्री राहत कोष में सहायता राशि दान करने की मंशा जाहिर की। यह प्रस्ताव सुनकर पुलिस टीम बुजुर्ग महिला के पास पहुंची, तो उनकी परिस्थिति देखकर सबके मन में श्रद्धा के भाव आ गए। लकवे से ग्रसित होने के कारण सुशीला बाई सपोर्ट स्टैंड के माध्यम से चलने को मजबूर हैं। फिर भी दान करने की उनकी इच्छाशक्ति देखते ही बन रही थी।
श्रीमती सुशीला बाई साहू पत्नी गोपाल दास साहू निवासी खिलचीपुर ने थाना खिलचीपुर के जरिये गरीबों को वितरित करने के लिए मास्क स्वरूप 21 तोलियां दी गईं। साथ ही 5 हज़ार 551 रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करने के लिए दिए। इस सहायता राशि के साथ उन्होंने एक श्रीफल भी भेंट किया। श्रीफल भेंट करने का कारण पूछने पर सुशीला बाई बोलीं अच्छे काम की शुरुआत हमेशा श्रीफल भेंट कर ही की जाती है। हम ईश्वर से कामना करते हैं कि हमारा देश जल्द ही इस महामारी से मुक्त हो जाये। सुशीला जी द्वारा की गई यह पहल न केवल सराहनीय है, अपित समाज के अन्य लोगों को भी इस संकट के समय दान करने की प्रेरणा देगी। मध्यप्रदेश पुलिस इस महादान का माध्यम बनने के लिए गौरवान्वित है और सुशीला बाई के प्रति ऋणी भी।




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