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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2018 पर एक पूर्वावलोकन
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (एनएसडी) प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को मनाया जाता है। इस वर्ष भी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) एनएसडी समारोह का आयोजन कर रहा है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एसएंडटी), पृथ्वी विज्ञान (ईएस) एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन (ईएफसीसी) मंत्री डॉ. हर्ष वर्द्धन प्रौद्योगिकी भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में मुख्य अतिथि होंगे तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एसएंडटी) व पृथ्वी विज्ञान (ईएस) राज्य मंत्री श्री वाई एस चौधरी समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के संचार में असाधारण योगदान देने एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए 2017 के पुरस्कृत व्यक्तियों को राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। एनएसडी प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को ‘रमन प्रभाव’ की खोज का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है जिसकी सर सी वी रमन को नोबल पुरस्कार दिलाने में मुख्य भूमिका थी। एनएसडी-2018 की थीम ‘एक टिकाऊ भविष्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’ है जिसका चयन विज्ञान से संबंधित मुद्वों के प्रति आम जागरूकता को बढ़ावा देना है। डीएसटी की राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (एनसीएसटीसी) देश भर में, विशेष रूप से, वैज्ञानिक संस्थानों एवं प्रयोगशालाओं में एनएसडी समारोह का समर्थन, उत्प्रेरण एवं समन्वय करने की एक नोडल एजेंसी है। एनसीएसटीसी राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों एवं विभागों के माध्यम से व्याख्यानों, क्विज, पैनल परिचर्चा, आदि का आयोजन करती है। कई संस्थान अपनी प्रयोगशालाओं के लिए ओपेन हाउस का भी आयोजन करते हैं और छात्रों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उपलब्ध कैरियर अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। डीएसटी ने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने एवं संचार के क्षेत्र में असाधारण प्रयासों को उत्प्रेरित करने, प्रोत्साहित करने तथा मान्यता देने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए 1987 में राष्ट्रीय पुरस्कारों का गठन किया था।




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