-
दुनिया
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-
राष्ट्रवादी विचारों का प्रभाव संगम के मूल में है : जगदीश मित्तल
” राष्ट्रीय कवि संगम का मूल सूत्र राष्ट्रवादी कवियों रचनाकारों को सुसंस्कारित वातावरण प्रदान करते हुए संगठित करना है भारतीयता और राष्ट्रीय भावना का पोषण साहित्य के माध्यम से करना संगम का प्रमुख उपदेश है राष्ट्रवादी विचारों का प्रवाह संगम के मूल में है”
उपयुक्त विचार राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल नई दिल्ली मैं मध्य प्रदेश राष्ट्रीय कवि संगम मध्यप्रदेश के भोपाल अधिवेशन में 5 जिले के संगम के कवियों रचनाकारों को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल में आयोजित अधिवेशन में विख्यात चित्रकार एवं अंतर्राष्ट्रीय गीतकार श्री बाबा सत्यनारायण मौर्य भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम नवनियुक्त राष्ट्रीय कवि संगम मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष बनने पर उनके अभिनंदन के साथ पांचों जिले के रचनाकारों के काव्य पाठ को लेकर आयोजित था।
समारोह मैं नव नियुक्त मध्य प्रदेश में संगम के अध्यक्ष प्रोफेसर शंभू सिंह मनहर का अभिनंदन किया गया। परामर्शदाता श्री सुमित मिश्रा राष्ट्रीय मंत्री श्री रोशन जी कंसल विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ अनिल कोठारी शिक्षाविद डॉक्टर जी एस चौहान विख्यात लेखिका एवं समाजसेवी का सुश्री राजू मालवीय विशेष अतिथि थे मध्यप्रदेश कवि संगम में विशेष अतिथि शशिकांत यादव भी विशेष रूप से उपस्थित थे अधिवेशन में कृष्ण गोपाल जिला अध्यक्ष डॉक्टर दीपेंद्र पांडे विदिशा केसरी ग्रुप शर्मा रायसेन से नीतेश व्यास होशंगाबाद से सुनील बाजपेई और सीहोर के लक्ष्मण सिंह चौकसे अपने जिले के कवियों के साथ उपस्थित थे।
आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती की पूजन, स्वागत भाषण महामंत्री मनीष तिवारी जी ने किया।
महामंत्री श्री अनिमेष अटल ने स्वर्गीय अटल जी की कविता को उनमें उनके ही स्वर में कविता पाठ कर स्वर्गीय अटल जी की स्मृतियों को जीवंत कर दिया।
अधिवेशन के तृतीय भाग में पांचों जिलों के कवियों ने राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति को पोषित करने वाले वैज्ञानिक काव्यपाठ कर अधिवेशन को सार्थक कर दिया।
कृपया आपके लोकप्रिय समाचार पत्र में उपरोक्त समाचार प्रकाशित करने का कष्ठ करें !




Leave a Reply