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रायपुर : महिला समूह ने मशरूम उत्पादन से कमाए 17 हजार
छत्तीसगढ़ के वन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में वन विभाग के प्रयास से दूरस्थ वन क्षेत्रों की वन प्रबंधन समितियां तेजी से आय देने वाली गतिविधियों की ओर बढ़ रही हैं। वन मण्डल बीजापुर की जय भोले महिला स्व सहायता समूह भैरमगढ़ ने मशरूम उत्पादन कर अपनी पहली ही फसल में 17 हजार रुपए कमाए हैं।
जय भोले महिला समूह की अध्यक्षा श्रीमती वंदना ताला-पल्ली ने बताया कि मशरूम उत्पादन का यह उनका पहला अनुभव था। यह अनुभव समूह की महिलाओं के लिए अच्छा रहा। मशरूम के उत्पादन के लिए समूहों द्वारा 450 पैकेट बनाए गए थे। उसे बनाने के लिए थैली, पैरा कुट्टी तथा नारियल जूट का रेशा आदि सामग्री का उपयोग किया गया था। इसके साथ गेहूं का भूसा भी मिलाया गया था। इसमें समूह को कुल 9 हजार रूपए का खर्चा आया था। इसके उपरांत 45 दिनों में ही मशरूम तोड़ने लायक हो गया, तोड़ने के बाद कुल 10 किलो मशरूम को तीन रूपए प्रति किलोग्राम की दर से बेचा गया। खर्च काटकर मशरूम के उत्पादन से समूह को कुल 17 हजार रूपए की आमदनी हुई। समूह द्वारा मशरूम उत्पादन का कार्य वर्ष 2019 में शुरू किया गया है।




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