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रबीन्द्रनाथ टैगोर विष्वविद्यालय में ‘‘हैप्पी हरदा’’ दृष्टिपत्र का विमोचन
अटल इन्क्यूबेशन सेंटर (एआईसी-आरएनटीयू), रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, डॉ. सी.वी. रामन्
विश्वविद्यालय खंडवा और नर्मदा वैली रुरल फाउंडेशन ट्रस्ट (एनवीआरडीएफटी) प्रदेष की हृदय स्थली हरदा जिले में उन्नत कृषि, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कौशल उन्नयन के क्षेत्र में संयुक्त रुप से कार्य कर रहे हैं।
आज रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में आयोजित गरिमामय समारोह में इन्ही गतिविधियों पर आधारित दृष्टिपत्र हैप्पी-हरदा-खुशहाल हरदा (स्वस्थ, कृषि, प्रगतिषील एवं समृद्ध युवा) का विमोचन श्री अरुण भट्ट, चेयरमैन म.प्र. स्टेट एनवायरमेंट इम्पैक्ट एसेसमेंट अथारिटी (सिया), श्री संतोष चौबे, कुलाधिपति रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, श्री राजीव बाहेती, नर्मदा वैली रुरल फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष, श्री पुखराज मारु, सेवानिवृत्त आईएएस, श्री सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट के निदेशक, डॉ. ब्रम्हप्रकाश पेठिया, कुलपति आरएनटीयू, श्री नितिन वत्स, निदेषक एआईसी-आरएनटीयू, डॉ. अरुण आर जोशी, कुलपति डॉ. सी. वी. रामन् विश्वविद्यालय खंडवा ने किया। इस अवसर पर डॉ. विजय सिंह, कुलसचिव आरएनटीयू, श्री अमिताभ सक्सेना, प्रो चांसलर डॉ. सी.वी. रामन् विश्वविद्यालय खंडवा, प्रो. वी. के. वर्मा, चांसलर डॉ. सी.वी. रामन् विश्वविद्यालय वैशाली, श्री बृजबोथरा, सेवानिवृत्त सीसीएफ और श्री राजेन्द्र प्रसाद, पूर्व डीडीएम नाबार्ड विषेष रूप से उपस्थित थे। वहीं डॉ. के.जी करमाकर, सेवानिवृत्त एमडी नाबार्ड ऑनलाइन जुड़े।
बतौर मुख्य अतिथि श्री अरुण भट्ट ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार है। एआईसी-आरएनटीयू व एनवीआरडीएफटी के इस प्रयास की सराहना करते हुये कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की ही संकल्पना है। हैप्पी हरदा दृष्टिपत्र समुदाय के सामाजिक और आर्थिक स्थायित्व के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस तरह के मॉडल दूसरे जिलों में भी लागू किया जाना चाहिये जिससे युवाओं को शिक्षण, प्रशिक्षण एवं सहचार के द्वारा उद्यमी बनाकर समग्र, समावेशी एवं अक्षय विकास को सहजता से प्राप्त कर पाएं।




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