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रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में विश्व साक्षरता दिवस का आयोजन
विश्व साक्षरता दिवस पर रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ऑनलाइन व्य़ाख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय था ‘साक्षरता के बदलते मायने एवं महत्व’। जिसमें मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अलीराजपुर जिले में एसडीएम के पद पर पदस्थ प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी श्यामवीर सिंह ने साक्षरता पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साक्षरता को अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रखा ज सकता। अक्षर ज्ञान के साथ ही अच्छे बुरे की पहचान करना भी साक्षरता ही है।
श्यामवीर ने जीवन मूल्यों की समझ तथा परिस्थिति के हिसाब से सही निर्णय लेने को भी साक्षरता के रूप में परिभाषित किया। साथ ही स्वयं के विद्यार्थी जीवन का उदाहरण देते हुए युवाओं द्वारा साक्षरता के प्रसार के तरीकों पर भी बात की। उन्होंने अलीराजपुर जिले की साक्षरता पर काम करने हुते विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना को आमंत्रित करते हुए कहा कि यहां शिविर लगाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद की जाएगी। व्याख्यान के सह वक्ता राहुल सिंह परिहार ने राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा वित्तीय तथा डिजीटल साक्षरता के साथ ही महिला साक्षरता पर किए जा रहे कार्यों के बारे में बताते हुए स्वयंसेवकों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रह्मप्रकाश पेठिया ने विश्वविद्यालय द्वारा साक्षरता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। श्री पेठिया ने वक्ताओं द्वारा दिए गए सुक्षावों पर अमल की भी बात कही। उन्होंने ग्रामीण साक्षरता में राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए उनसे इस दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वयंसेवकों यश जायसवाल द्वारा स्वागत उद्बोधन तथा जिला संगठक राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ. आर एस नरवरिया द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के परिचय से हुआ। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी गब्बर सिंह द्वारा तथा आभार डॉ. रेखा गुप्ता कार्यक्रम अधिकारी छात्रा इकाई द्वारा किया गया। व्याख्यान के आयोजन में मुख्य भूमिका स्वयंसेविका जन्नत, स्वयंसेवक अमन मीना, सुधीर कुमार, जयेश राठौर इत्यादि की रही।




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