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मैथ्यूज की कप्तानीभरी शतकीय पारी भी नहीं बचा पाई श्रीलंका की हार
अंतत: भारत ने 22 साल बाद श्रीलंका में सीरिज जीत ही ली। श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज की कप्तानी शतकीय पारी भी टीम की हार को नहीं बचा पाई और भारतीय टीम ने लगातार दो टेस्ट मैच जीतकर सीरिज पर कब्जा जमा लिया। इसके पहले अजहरुद्दीन की कप्तानी ने 22 साल पूर्व भारतीय टीम ने 1-0 से श्रीलंका को उनकी जमीन पर हराया था। आज विराट कोहली ने 2-1 से सीरिज जीतकर उसे दोहराया है।
आज सुबह मैच बचाने उतरी श्रीलंकाई टीम के कप्तान मैथ्यूज भारत की जीत के सामने पहाड़ जैसे खड़े रहे। लंच तक 134 रन पर पांच विकेट थे और कप्तान एक छोर पर डटे हुए थे। जब वे 110 रन बनाकर आउट हुए तो टीम 80.1 ओवर खेल चुकी थी और उसमें से आधे ओवर यानी 240 गेंदे अकेले मैथ्यूज ने खेली थीं। इस तरह उन्होंने कभी-भी दूसरे छोर पर खड़े साथी को यह अहसास दिलाते रहे कि वह केवल छोर पर डटा रहे। उन्हें दूसरी पारी के सबसे सस्ते गेंदबाज साबित हुए ईशांत शर्मा ने पैवेलियन भेजा और इसके बाद आर अश्विनी ने रंगाना हैराथ और धमिका प्रसाद को आउट कर भारतीय टीम को जीत के नजदीक ला खड़ा किया। उस समय लगा कि अब केवल भारतीय टीम की जीत की केवल औपचारिकता ही बची है। उन्होंने अपने 20 वें ओवर में ये दोनों विकेट लिए। अगले ही ओवर में अमित मिश्रा ने अंतिम गेंद नुवान प्रदीप को आउट कर श्रीलंका पर 117 रन से जीत दर्ज करा दी।




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