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मास्टर प्लान बनाने के लिए सलाहकार समिति का गठन हो: नाथ
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रदेश के सभी शहरों के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बनाने के लिये सलाहकार समिति का गठन हो। समिति में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो और उनके सुझाव और सलाह से मास्टर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार शहरी क्षेत्रों के सतत्, संतुलित और समेकित विकास को प्राथमिकता दे रही है जिससे भविष्य की जरूरतों के हिसाब से नगरीय क्षेत्रों का नियोजन हो सके।
नाथ आज इन्दौर में अभ्यास मंडल द्वारा आयोजित “इन्दौर के विकास के पचास वर्ष के विज़न डाक्यूमेंट” संबंधी परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गृह मंत्री श्री बाला बच्चन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसी सिलावट एवं नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ शहरों का प्रबंधन हमारे सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए गंभीर चिंतन के साथ मास्टर प्लान बनाना जरूरी है। अगर नियोजित तरीके से विकास किया तो कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि शहरों के विस्तारीकरण के साथ हमें शिक्षा, पेयजल, सार्वजनिक परिवहन और यातायात, विद्युत आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान देना होगा। सरकार इन सभी बिन्दुओं पर विचार कर शहरों के विकास की समन्वित कार्य-योजना बना रही है। उन्होंने मेट्रोपोलिटिन सिटी विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जल की उपलब्धता की एक बड़ी चुनौती हमारे सामने है। इस चुनौती का सामना करने के लिए सरकार ने नदियों को पुनर्जीवित करने के साथ ही पानी के विभिन्न स्रोतों को संरक्षित करने की योजना बनायी है। उन्होंने स्मार्ट सिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि नये संदर्भों और नई तकनीक की सोच के साथ हमें स्मार्ट सिटी की अवधारणा को आकार देना होगा।
परिचर्चा में श्रीमती शोभा ओझा, अभ्यास मंडल के श्री मुकुंद कुलकर्णी, पीएचई के सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर श्री मुकेश चौहान एवं एसजीएसआईटीएस के प्रोफेसर श्री संदीप नावलेकर उपस्थित थे।




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