मातृभाषा में ही मिले शिक्षा, इसके लिये नीति जरूरी : उप राष्ट्रपति

उप राष्ट्रपति एवं माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष श्री वेंकैया नायडू ने कहा कि देश को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने में मीडिया की विशेष भूमिका है। मीडिया का काम देश के विकास को गति देना है और लोकतंत्र को मजबूत बनाना है। मीडिया अज्ञानता के अंधकार को दूर करे और हर प्रकार की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि शिक्षा स्थानीय और मातृभाषा में ही मिलना चाहिये। उप राष्ट्रपति आज यहाँ विधानसभा भवन के सभागार में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

 नायडू ने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी है कि समाज की सच्ची तस्वीर पेश करें और सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने में अपनी भूमिका तय करें। महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा जैसे कार्यों को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि भारत बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसमें संचार विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की विशाल अर्थ-व्यवस्था के रूप में परिवर्तित हो रहा है। आर्थिक सुधार पूरी तेजी से जारी है। श्री नायडू ने विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुये कहा कि विश्वविद्यालय पत्रकारिता के साथ – साथ कम्प्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देकर डिजिटल क्रांति में योगदान दे रहा है।

मातृभाषा में ही हो शिक्षा

श्री नायडू ने कहा कि सभी शैक्षणिक पाठ्यक्रम मातृभाषा में ही होना चाहिये। अंग्रेजी की मानसिकता में परिवर्तन लाना जरूरी है। पहले मातृभाषा सीखें और बोलें बाद में विदेशी भाषा को महत्व दें। उन्होंने कहा कि मातृभाषा मौलिक है। यह आँख की तरह है और विदेशी भाषा चश्मे की तरह। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा को सुरक्षित रखने के लिये मातृभाषा में अध्ययन और अध्यापन को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तीन चीजों को हमेशा याद रखें। पहला माँ, दूसरा मातृभूमि और तीसरा मातृभाषा। उन्होंने कहा कि शिक्षा स्थानीय और मातृभाषा में ही मिलना चाहिये इसके लिये नीति बनाने की आवश्यकता है। मातृभाषा रहते हुए अंग्रेजी बोलने की मानसिकता से बाहर निकलना होगा। उन्होंने अपनी हाल ही की जर्मनी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ संस्कृत में लिखे ग्रंथों में छिपे ज्ञान पर अनुसंधान हो रहा है।

अकादमिक नवाचारों की सराहना

श्री नायडू ने विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अकादमिक नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इसे एशिया का सबसे बड़ा मीडिया विश्वविद्यालय होने का दर्जा प्राप्त है। कई शोध पीठों की स्थापना की गई है और दूरस्थ क्षेत्रों मे कम्प्यूटर शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के तेजी से विकास के साथ विश्वविद्यालय का भी विकास हुआ है।

उप राष्ट्रपति ने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने में भी मीडिया अपना योगदान दे। भ्रष्टाचार जितनी जल्द खत्म होगा उतना ही देश और प्रजातंत्र के लिये अच्छा है। श्री नायडू ने कहा कि चरित्र, क्षमता, व्यवहार और प्रतिभा प्रमुख तत्व हैं। इन तत्वों के साथ पत्रकार लोगों और समाज का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता पहले मिशन थी, अब इसे अपनी दिशा नहीं खोना चाहिये। पत्रकारिता में सनसनी फैलाने की आदत हो गयी है। उन्होंने कहा कि सनसनी फैलाने का मतलब है अर्थहीनता। मीडिया का कर्त्तव्य है कि रचनात्मक और सकारात्मक सोच के साथ समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग लोक-कल्याण के लिये करें। जीवन में हमेशा अनुशासन रखें, कड़ी मेहनत करें और ईमानदार रहें। ऊँचे उद्देश्यों और उदात्त सपनों के साथ कड़ी मेहनत करने और हर दिन सीखने के लिये तैयार रहें।

विश्वविद्यालय की महापरिषद की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दीक्षांत समारोह हिन्दी में संचालित करने और समारोह के लिये भारतीय वेश-भूषा का चयन करने के लिये विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पगड़ी का स्थान हैट नहीं ले सकता और भारतीय जैकेट का स्थान काला चोगा नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ गर्व करने योग्य हैं। देश के हर मीडिया संस्थान में इस विश्वविद्यालय की उपस्थिति है। विश्वविद्यालय के छात्रों ने नैतिकता के नये मानदण्ड स्थापित किये हैं। श्री चौहान ने कहा कि मीडिया आज अलग दौर से गुजर रहा है। व्यवसायिकता मुखर हो गयी है। उन्होंने स्वर्गीय श्री माखनलाल चतुर्वेदी की पत्रकारिता का स्मरण करते हुए कहा कि आजादी का आंदोलन निर्भीक पत्रकारिता ने चलाया था। आजादी के बाद की पत्रकारिता का भी देश का नवनिर्माण करने का मिशन था। उन्होंने कहा कि पत्रकार एक समाज सुधारक की भूमिका में भी काम करता है। स्वस्थ पत्रकारिता से ही लोकतंत्र मजबूत होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई दी।

इस अवसर पर प्रसिद्ध राष्ट्रवादी चिंतक, लेखक और पत्रकार श्री माधव गोविंद वैदय, प्रसिद्ध पर्यावरणविद श्री अमृतलाल वेगड़, कवि, लेखक एवं पत्रकार श्री महेश श्रीवास्तव को डी-लिट की उपाधि से सम्मानित किया गया। श्री नायडू ने पीएचडी, एम.फिल एवं स्नातकोत्तर की उपाधि प्रदान की और विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने ने समारोह का संचालन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री सीताशरण शर्मा, जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, भोपाल सांसद श्री आलोक संजर उपस्थित थे। अतिथियों को विश्वविद्यालय की ओर से स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये। कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा ने आभार व्यक्त किया।

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