महिला विकास सेल तथा शिक्षा एवं विज्ञान विभाग द्वारा वेबिनार का आयोजन

आज हर तरफ हमें हमारे आस-पास बच्चों पर हो रहे अत्याचार तथा शोषण की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इसका एक बड़ा कारण यह है कि हमारी आंखों के सामने गलत काम होता रहता है और चुप रहते हैं। हमें लगता है कि अगर हम कुछ बोलेंगे तो मुसीबत में पड़ जाएंगे। मुसीबत से बचने की यह सोच हमारी संवेदनाओं के मर जाने का प्रमाण है।

यह बात वेबीनार में बोलते हुए मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य श्री बृजेश चौहान ने कही। उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, पोक्सो एक्ट तथा बाल श्रम निषेध कानूनों पर भी जानकारी देते हुए बाल अधिकारों के सुनिश्चितिकरण हेतु राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का आह्वान किया।
‘निवसिड बचपन’ संस्था के कार्यक्रम प्रबंधक सत्येन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि बच्चों के अधिकारों को चार भागों में बांटा गया है- 1- जीने का अधिकार, 2- विकास का अधिकार, 3- सहभागिता का अधिकार और 4 – सुरक्षा का अधिकार। इनमें पहले अधिकार को छोड़ दिया जाए तो बाकि के तीन अधिकारों के प्रति हम बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं हैं। इसी कारण हमारे बच्चों का बचपन तो छिनता ही है उनकी युवावस्था भी पूरी तरह से खिल नहीं पाती है। कार्यक्रम में मनरेगा पर काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रोली शिवहरे ने मनरेगा कानून की बारीकियों से
युवाओं को रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि मनरेगा जहां एक और एसडीजी के लक्ष्यों की पूर्ति में मील का पत्थर साबित हो सकता है तो वहीं दूसरी ओर इससे सामाजिक न्याय की पूर्ण अवधारणा भी साकार होती दिखाई देती है। विश्व न्याय दिवस के उपलक्ष्य में यह वेबिनार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ब्रह्म प्रकाश और कुलसचिव डॉ विजय सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस बेविनार में स्वागत उद्बोधन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी छात्र इकाई श्री गब्बर सिंह ने तथा आभार रासेयो कार्यक्रम अधिकारी छात्रा इकाई डॉ रेखा गुप्ता ने व्यक्त किया। संचालन मयंक साहू द्वारा किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Khabar News | MP Breaking News | MP Khel Samachar | Latest News in Hindi Bhopal | Bhopal News In Hindi | Bhopal News Headlines | Bhopal Breaking News | Bhopal Khel Samachar | MP News Today