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महिला मामलों की रिपोर्टिंग की पुलिस की एडवाइजरी जारी
सोशल मीडिया पर महिला अपराधों को पुष्टि किए बिना प्रसारित करना दण्डनीय है
यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन भी है। पुलिस अधीक्षक छतरपुर सचिन शर्मा ने बताया कि वर्तमान में देखने में आ रहा है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों एवं मीडिया ग्रुप द्वारा बिना पुष्टि किये महिला संबंधी अपराधों (विशेषतः दुष्कर्म आदि) की खबरों का प्रसारण कर रहे हैं, यह अत्यंत ही आपत्तिजनक एवं सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है।
दुष्कर्म मामलों में पहचान उजागर करना दण्डनीय है
महिला संबंधि दुष्कर्म मामलों में पहचान उजागर करना दण्डनीय है इस तरह की भ्रामक एवं अपुष्ट खबरें प्रसारित करना धारा 505, 228ए आईपीसी के तहत दण्डनीय अपराध है। यदि कोई व्यक्ति बलात्कार से संबंधित धारा से पीड़ित व्यक्ति की पहचान का प्रकाशन एवं मुद्रित करेगा वह आईपीसी की धारा 228ए के अंतर्गत दोषी होगा। इस धारा के तहत 02 वर्ष का कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया जा सकेगा।




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