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महाकाल की होलीः भस्म आरती में पुष्प अर्पण, संध्या आरती में अर्पित फूलों के गुलाल-शक्कर की माला का होगा अर्पण
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल की होली का अपना अंदाज है। आज अलसुबह भस्म आरती में महाकाल को पुष्प अर्पित किए गए और भक्तों पर पुष्प वर्षा की गई। अब संध्या आरती में महाकाल को अर्पित फूलों से बने गुलाल और शक्कर की माला को अर्पित किया जाएगा। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल की होली का अपना अंदाज है। आज अलसुबह भस्म आरती में महाकाल को पुष्प अर्पित किए गए और भक्तों पर पुष्प वर्षा की गई। अब संध्या आरती में महाकाल को अर्पित फूलों से बने गुलाल और शक्कर की माला को अर्पित किया जाएगा।
होली
मध्य प्रदेश में स्थित उज्जैन में भगवान महाकाल में आज सुबह से होली का जश्न शुरू हो गया। अलसुबह भगवान महाकाल को पुष्प अर्पित कर होली के त्योहार की शुरुआत हुई जिसके बाद भस्म आरती में पहुंचे भक्तों पर पुष्प वर्षा की गई। महाकाल की आज शाम संध्या आरती में भी होली का रंग बिखरेगा जिसमें भगवान को अर्पित फूलों से बने गुलाल को महाकाल को अर्पित किया जाएगा। साथ ही शक्कर की माला भी अर्पित की जाएगी।
संध्या आरती के बाद होली का दहन
भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद महाकाल के शासकीय पुजारी घनश्याम गुरुजी और अन्य पुजारी-पुरोहितगणों द्वारा महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में होलिका दहन किया जाएगा। इसके साथ होली के त्योहार के रंगों से खेलने के लिए मंगलवार को धुलेंडी होगी। सात मार्च मंगलवार धुलेंडी की महाकाल की भस्म आरती में विशेष पुष्प-गुलाब के उन फूलों से बने गुलाल को अर्पित किया जाएगा।
महाकाल को अर्पित होने वाला गुलाल भी मिलेगा
महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल को अर्पित फूलों से बना गुलाल भगवान को अर्पित करने के साथ श्रद्धालुजनों के लिए भी उपलब्ध रहेगा। भक्त उस गुलाल से होली खेल सकेंगे। भक्तों से महाकाल को अर्पित करने के लिए अन्य किसी भी प्रकार के गुलाल को नहीं लाने की अपील मंदिर प्रबंधन द्वारा की गई है।
होली के अगले दिन से आरतियों के समय आंशिक बदलाव
होली के अगले दिन चैत्र प्रतिपदा से ददयोदक आरी, भोग आरती, संध्या आरती के समय में बदलाव भी होगा। सुबह भस्म आरती व रात को शयन आरती के समय में बदलाव नहीं होगा।
ददयोदक आरतीः वर्तमान में प्रातः 7.30 से प्रारम्भ होती थी अब 7.00 से 7.45 में होगी।
भोग-आरतीः वर्तमान में प्रातः 10.30 से प्रारंभ होती थी सब 10.00 से 10.45 में होगी।
सन्ध्या-आरतीः वर्तमान में 6.30 बजे से प्रारम्भ होती थी वह 7.00 से 7.45 में होगी।




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