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मध्य प्रदेश के 11 जिलों में लंपी पहुंचा, एक लाख से ज्यादा का टीकाकरण

केंद्रीय सूचना और प्रसारण, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री डॉ. एल मुरुगन ने आज मध्य प्रदेश प्रवास के दौरान स्वीकार किया है कि गायों में फैल रहा लंपी वायरस मध्य प्रदेश में भी पहुंच गया है। यहां के 11 जिले इसकी चपेट में आ गए हैं। हालांकि मंत्री मुरुगन ने लंपी वायरल पर नियंत्रण के कामों के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की प्रशंसा भी की। यह बीमारी मध्य प्रदेश में नियंत्रण में बताई।
केंद्रीय मंत्री डॉ. एल मुरुगन ने वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (वीआईटी) सीहोर के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया और मीडिया से बातचीत में लंपी वायरस को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) कंट्रोल में है और एलएस़डी के खिलाफ टीकाकरण काफी तेजी से हो रहा है। प्रदेश में 11 जिले इससे प्रभावित हैं और अभी तक 1 लाख से अधिक जानवारों का टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रभावित राज्यों को एएससीएडी के तहत प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और टीकाकरण के लिए धन उपलब्ध कराया गया है। मध्य प्रदेश के केंद्रीय हिस्से के लिए 14.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।
लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी): मध्य प्रदेश
• लंपी स्किन डिजीज यानी गांठदार त्वचा रोग (एलएसडी) मवेशियों और भैंसों का एक संक्रामक वायरल रोग है, जो मच्छरों, काटने वाली मक्खियों, टिक्कों आदि जैसे वायरस द्वारा फैलता है। इस रोग में 2-3 दिनों के लिए हल्का बुखार होता है, जिसके बाद कठोर, गोल त्वचीय विकार होता है। जानवर के पूरे शरीर की त्वचा पर गांठें आ जाती हैं। इस बीमारी में रुग्णता दर लगभग 10-20% है, मृत्यु दर लगभग 1-5% है।
• मध्य प्रदेश में स्थिति: गांठदार त्वचा रोग (लंपी स्किन डिजीज) पहली बार ओडिशा से सितंबर, 2019 के दौरान रिपोर्ट किया गया था। 2022 के दौरान, मध्य प्रदेश सहित 14 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से एलएसडी की सूचना मिली है। मध्य प्रदेश में 11 जिले प्रभावित हैं। आज तक, प्रभावित पशुओं की कुल संख्या 568 है, एलएसडी के कारण मरने वाले जानवरों की संख्या 32 है, एलएसडी के खिलाफ टीकाकरण किए गए जानवरों की संख्या 1,10,867 है और ठीक होने वाले जानवरों की संख्या 220 है।
विभाग द्वारा की गई कार्रवाई:
• रोग की रोकथाम और संक्रमित जानवरों को अलग रखने के लिए दिशानिर्देश और एसओपी, उपचार प्रोटोकॉल, टीकाकरण प्रोटोकॉल और उपचार दिशानिर्देशों सहित स्वच्छता प्रोटोकॉल के बारे में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सूचित कर दिया गया है।
• राज्यों को संवेदनशील बनाने के लिए विभाग ने राज्यों के साथ वर्चुअल और फिजीकल बैठकें की।
• राज्यों से यह भी अनुरोध है कि वे एलएसडी की पीसीआर स्क्रीनिंग के लिए स्थानीय प्रयोगशालाओं की पहचान करें ताकि तेजी से इस रोग निदान किया जा सके और तदनुसार नियंत्रण उपाय किए जा सकें।
• राज्यों को सलाह दी गई है कि वे पशु मालिकों और अन्य हितधारकों को प्रारंभिक लक्षणों को देखकर संदिग्ध जानवरों की पहचान करने के लिए जागरूकता पैदा करें और स्थानीय पशु चिकित्सक को तत्काल अलगाव और संदिग्ध जानवर के उपचार के लिए सूचित करें और बीमारी से पहले प्रारंभिक चरण में संक्रमण को नियंत्रित करें।
• विभाग ने नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और राज्यों को नियंत्रण कक्ष और टोल फ्री नंबर 24×7 स्थापित करने की भी सलाह दी है ताकि जागरूकता सहित पशु मालिकों के मुद्दों का समाधान किया जा सके।
• राज्यों को तत्काल प्रभाव से मवेशियों और भैंसों में उपलब्ध बकरी चेचक के टीके (उत्तरकाशी स्ट्रेन) के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों सहित प्रभावित क्षेत्रों में और आसपास रिंग टीकाकरण रणनीति अपनाने के लिए कहा गया है।
• विभाग ने राज्यों को तत्काल प्रतिक्रिया और जागरूकता के लिए आरआरटी और प्रशिक्षकों के गठन और जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय पशु मालिकों, पंचायत सदस्यों, प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, स्थानीय युवाओं को शामिल करने की संभावना तलाशने की सलाह दी।
• विभाग ने राज्यों से जिले में गांठदार त्वचा रोग (लंपी स्किन डिजीज) के प्रभावी नियंत्रण और रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला के अधिकारियों और डेयरी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ एक जिला स्तरीय निगरानी और समन्वय समिति गठित करने का अनुरोध किया है। राज्यों से अनुरोध है कि वे रोग के लिए गांव-वार घरेलू सर्वेक्षण करें और रोगवाहकों को नियंत्रित करने के लिए पशुओं के शेड/चराई क्षेत्र में कीटनाशकों का छिड़काव करें।
• विभाग ने वैक्सीन निर्माताओं से टीकों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए भी कहा है। विभाग टीके के उत्पादन/स्टॉक/वितरण की स्थिति की निगरानी कर रहा है।
• प्रभावित राज्यों को एएससीएडी के तहत प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और टीकाकरण के लिए धन उपलब्ध कराया गया है। मध्य प्रदेश के केंद्रीय हिस्से के लिए 14.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।
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