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भोपाल, इंदौर समेत 26 जिलों में कम हुए जंगल
मध्य प्रदेश सहित देश भर में पौधारोपण को लेकर चल रहे प्रयासों के बीच ये अच्छी खबर है कि देश में बीते 2 साल में वन क्षेत्र 5188 वर्ग किमी बढ़ गया है. इसमें 1120 वर्ग किमी घना जंगल है. इसके साथ ही देश के भौगोलिक हिस्से में अब वन क्षेत्र का हिस्सा 25 फ़ीसदी हो गया है, लेकिन भोपाल, इंदौर सहित 26 जिलों में वन क्षेत्र में कमी आई है. प्रदेश के 26 जिलों में पिछले 2 साल में जंगल 410.66 वर्ग किमी घट गए हैं.
इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में भोपाल में 354 वर्ग किलोमीटर में जंगल था, जो अब घटकर 328.67 वर्ग किमी हो गया है. इन 2 सालों के दौरान भोपाल में मॉडरेट और ओपन फॉरेस्ट भी घट गया है. सबसे ज्यादा जंगलों में कमी पिछले 2 साल में हरदा और सीहोर जिले में आई है. 2017 में हरदा जिले में 1008 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र था जो घटकर 956.26 वर्ग किलोमीटर रह गया है. इसी तरह सीहोर में 2017 में 1404 वर्ग किलोमीटर और जंगल क्षेत्र था जो 2019 में घटकर 1357 1 किलोमीटर हो गया है।
मध्य प्रदेश के चारों बड़े शहरों में से भोपाल इंदौर और जबलपुर में जंगलों में कमी आई है. इंदौर में 2017 में 678 वर्ग किलोमीटर जंगल था. इसमें मामूली कमी आई है जबकि जबलपुर में 2 साल पहले 1139 वर्ग किलोमीटर जंगल था जो अब घटकर 1113 वर्ग किलोमीटर हो गया है. एक तरफ मध्य प्रदेश के 3 बड़े शहरों भोपाल इंदौर और जबलपुर में जहां जंगल घटी है. वहीं ग्वालियर में जंगल बढ़े हैं. सबसे ज्यादा जंगल पन्ना और खंडवा जिले में बढ़े हैं.
पन्ना में 2017 में 2667 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र था जो बढ़कर 2742 वर्ग किलोमीटर हो गया है. इसी तरह खंडवा में 2032 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र था जो अब 2089 वर्ग किलोमीटर हो गया है.




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