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बैरागढ़ सिविल अस्पताल……. प्रबंधन की अनदेखी
सिविल अस्पातल बैरागढ़ में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इन दिनों पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल परिसर में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को यहां वहां भटकना पड़ रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल में बतौर इंटर्नशिप अपनी सेवाऐं दे रहे नर्सिंग के स्टूडेंट तक पानी के लिए परेशाान हो रहे हैं। कहने को तो यहां तीन वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन एक भी ऐसा नहीं है, जहां पूरे वक्त पानी मिलता हो। खुद अधीक्षक कार्यालय के पीछे लगे वाटर कूलर में सिर्फ सुबह के वक्त ही पानी मिल पाता है। दोपहर बाद तो यह पूरी तरह से बंद हो जाता है। कुछ समय पहले तक आईसीयू वार्ड के ठीक सामने भी पानी की एक मशीन रखी हुई थी, लेकिन वर्तमान में वहां भी गेट लगा रखा है।
पानी के लिए भटकते मरीजों ने बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कत अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिवारजनों को होती है। अस्पताल में पहली मंजिल स्थित पुराना पुरूष वार्ड, जहां वर्तमान में प्रसूताओं को भर्ती किया जा रहा है, यहां तो पानी की कोई व्यवस्था है ही नहीं। इतना ही नहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ के कक्ष के सामने लगे वाटर कूलर से भी सिर्फ सुबह के वक्त पानी निकलता है, बाकी समय मरीज खाली बाॅटल लिए यहां-वहां भटकते रहते हैं। आखिरकार उन्हें अस्पताल के बाहर से पानी की बाॅटलें खरीदकर काम चलाना पड़ता है।
आयोग ने उक्त मामले में कलेक्टर, जिला भोपाल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला भोपाल तथा आर.एम.ओ. सिविल अस्पताल, बैरागढ़ जिला भोपाल से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन तलब किया है।




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