बांग्‍लादेश में सुप्रीमकोर्ट की अपील पीठ ने जमात-ए- इस्‍लामी नेता मुजाहिद की मौत की सजा कायम रखी है।

बांग्‍लादेश में सुप्रीमकोर्ट की अपील पीठ ने जमात-ए- इस्‍लामी नेता अली अहसान मोहम्‍मद मुजाहिद की मौत की सजा कायम रखी है। उन्‍हें 1971 के मुक्ति संग्राम में युद्ध अपराधों का दोषी पाया गया है। मुख्‍य न्‍यायाधीश सुरेन्‍द्र कुमार सिन्‍हा की अध्‍यक्षता में चार सदस्‍यों की पीठ ने जमात ए इस्‍लामी के महासचिव को बांग्‍लादेश का उदय रोकने की कोशिश में संग्राम के अंतिम दौर में बुद्धिजीवियों को सोच-समझकर मारने का दोषी ठहराया। अली अहसान मोहम्‍मद मुजाहिद को फरीदपुर जिले में हिन्‍दुओं को बंधक बनाने और उनकी हत्‍या करने का भी दोषी पाया गया। बेगम खालिदा जिया के नेतृत्‍व में बीएनपी गठबंधन सरकार में मंत्री रहे मुजाहिद, अल बद्र नाम के संगठन के नेता भी थे। पाकिस्‍तान ने यह मिलिशिया मुक्ति संग्राम में बांग्‍ला स्‍वाधीनता संघर्ष को कुचलने के लिए गठित की थी। अन्‍तर्राष्‍ट्रीय अपराध ट्राइब्‍यूनल ने 17 जुलाई 2013 को युद्ध अपराधों के लिए मौत की सजा सुनायी थी। शेख हसीना सरकार ने 2010 में युद्ध अपराध ट्राइब्‍यूनल की स्‍थापना की थी। उसके बाद से पहली बार किसी पूर्व मंत्री को मौत की सजा दी जाएगी।

फैसले के विरोध में जमात-ए-इस्‍लामी पार्टी ने कल चौबीस घंटे की राष्‍ट्रव्‍यापी हड़ताल का आहवान किया है। उच्‍चतम न्‍यायालय ने पार्टी के तीसरे नेता को फांसी की सजा बरकरार रखी है। इससे पहले दिसम्‍बर 2013 में कादर मुल्‍ला और अप्रैल 2015 में कमरूज़ज्‍मां को फांसी दी जा चुकी है। अटार्नी जनरल ने फैसले का स्‍वागत करते हुए कहा है कि इससे देश की आकांक्षाएं पूरी हुई है। सरकारी वकील का कहना है कि इस फैसले से साबित हो गया है कि बांग्‍लादेश में कानून का शासन है। एक युवा संगठन ने राजधानी में रैलियां निकाली। उधर, जमात के नेता के पास अब सिर्फ राष्‍ट्रपति से दया याचना ही एकमात्र विकल्‍प है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Khabar News | MP Breaking News | MP Khel Samachar | Latest News in Hindi Bhopal | Bhopal News In Hindi | Bhopal News Headlines | Bhopal Breaking News | Bhopal Khel Samachar | MP News Today