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बना नया कानून, 1 मई से घर खरीदने के होंगे ये फायदे
अगर आप घर खरीदन चाहते हैं तो एक मई तक इंतजार करें, इसके बाद अगर आप घर की बुकिंग कराते हैं तो आपको कई फायदे होंगे, क्योंकि एक मई से पूरे देश में रियल एस्टेट रेग्युलेशन एक्ट (रेरा) लागू हो जाएगा, जिसके बाद घर खरीदना बेहद सुरक्षित हो जाएगा। अब तक सबसे बड़ी दिक्कत ही यह थी कि पैसा लेने के बावजूद आपको घर मिलेगा या नहीं, इसका कोई भरोसा नहीं था। लेकिन रेरा के लागू होने के बाद सभी बिल्डर्स कानून के दायरे में आ जाएंगे, जिसके चलते आपके साथ फ्रॉड नहीं होगा और तय समय पर आपको आपका घर मिल जाएगा। इसके अलावा भी रियल एस्टेट एक्ट के कई फायदे हैं, जिसके बारे में आज हम विस्तार से जानकारी देंगे।
जानें, प्रोजेक्ट लीगल है या नहीं
अगर आप 1 मई के बाद घर की बुकिंग करने जाते हैं तो सबसे पहले प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी ले लें। अब तक तक आपको प्रोजेक्ट की जानकारी बिल्डर्स देते थे, लेकिन बिल्डर्स ज्यादातर सच्चाई छुपा देते थे और आप बिल्डर्स के झांसे में आ जाते थे, लेकिन एक मई के बाद यह नहीं हो सकेगा। बस आपको करना यह है कि सबसे पहले बिल्डर और उसके प्रोजेक्ट को इंटरनेट पर सर्च करना है। रियल एस्टेट एक्ट के मुताबिक, बिल्डर को सेल्स शुरू करने से पहले अपनी वेबसाइट पर प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। बिल्डर सभी तरह की अप्रूवल्स या एनओसी लेने के बाद ही बेचना शुरू करेगा और सारी अप्रूवल्स व एनओसी की जानकारी वेबसाइट पर डालना जरूरी है। इसलिए घर बुक कराने से पहले बिल्डर की वेबसाइट अच्छे से चेक कर लें।
एरिया में नहीं होगी गड़बड़ी
अब तक अगर आप घर बुक कराते हैं तो आप उस समय छला हुआ महसूस करते हैं, जब आपको यह पता चलत है कि आपका फ्लैट का साइज आपकी उम्मीद से कम है। दरअसल, बिल्डर्स आपको फ्लैट का जो साइज बताते हैं, वह सुपर एरिया होता है। यानी कि सुपर एरिया में आपके घर के अलावा बालकनी, सीढि़यां जैसे कॉमन एरिया को भी शामिल कर लिया जाता है, लेकिन रियल एस्टेट एक्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि अब फ्लैट कारपेट एरिया पर ही बेचा जाएगा, यानी कि आपने जितने साइज का पैसा दिया है, उतना ही पैसा वसूला जाएगा।
छोटे बिल्डर्स प्रोजेक्ट भी होंगे शामिल
ऐसा नहीं है कि केवल बड़े और मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स वाले प्रोजेक्ट के बायर्स को ही इसका फायदा मिलेगा। अगर आप छोटे बिल्डर्स के प्रोजेक्ट्स में बुकिंग कर रहे हैं तो भी आप रियल एस्टेट एक्ट का सहारा ले सकते हैं। कानून के मुताबिक, 500 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर बने प्रोजेक्ट हों या जिस प्रोजेक्ट में आठ या उससे अधिक फ्लैट हों तो उस प्रोजेक्ट को बनाने वाले बिल्डर्स को रियल एस्टेट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होगा और वह आपके साथ फ्रॉड नहीं कर सकते हैं
कैसे तय समय में मिलेगा घर
एक्ट के मुताबिक, बिल्डर्स को प्रोजेक्ट लॉन्च करते वक्त यह बताना होगा कि वह पजेशन कब तक द देगा। इसके बाद रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी द्वारा प्रोजेक्ट पर नजर रखी जाएगी। अगर बिल्डर आपको तय समय पर घर नहीं देता है तो उसके बदले बिल्डर को आपकी जमा राशि पर ब्याज देना होगा। ब्याज की दर लगभग 11 फीसदी होगी। अब तक बिल्डर्स प्रोजेक्ट लेट होने पर पेनल्टी नहीं देते थे। अगर आपको लगता है कि बिल्डर आपके साथ गड़बड़ी कर रहा है तो no आप रेग्युलेटरी अथॉरिटी के पास शिकायत कर सकते हैं। अथॉरिटी को अधिकार है कि बिल्डर को 3 साल तक की कैद की सजा सुना सकती है।




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