-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
प्रौद्योगिकी दिवस पर राष्ट्र की सेवा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सफलता का उत्सव मनाया गया
केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि भारत अब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता के लिए विश्व के सबसे तेजी से बढ़ने वाले केन्द्रों में से एक है। डॉ हर्षवर्धन आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर प्रौद्योगिकी पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे।
प्रौद्योगिकी दिवस पर देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उपयोग में भारत की सफलता का उत्सव मनाया जाता है। 11 मई 1998 को पोखरण परीक्षण किया गया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ऑपरेशन “शक्ति” के बाद भारत को एक पूर्णकालिक नाभिकीय देश घोषित किया था और इसने भारत को नाभिकीय क्लब में शामिल होने वाले छठे देश का दर्जा दे दिया था।
भारत अब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता के लिए विश्व के सबसे तेजी से बढ़ने वाले केन्द्रों में से एक बन चुका है। स्टा्र्टअप एवं उद्यमशीलता देश की आर्थिक प्रगति एवं रोजगार की कुंजी है।




Leave a Reply