प्रशासनिक मशीनरी के राजनीतिक इस्तेमाल की लत कांग्रेस को है: विजयवर्गीय

यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है कि नेहरू जी और इंदिरा जी के समय से ही कांग्रेस को प्रशासनिक मशीनरी के राजनीतिकरण और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए प्रशासन के इस्तेमाल की गंदी आदत रही है। प्रदेश में भी 15 महीने की कमलनाथ सरकार ने इसी परंपरा को बिना संकोच आगे बढ़ाया। लेकिन अब सरकार चले जाने के बाद जब कांग्रेस को अपने राजनीतिक फायदे के लिए प्रशासन का सहारा मिलना बंद हो गया है, तो बौखलाए कमलनाथ अधिकारी/कर्मचारियों पर ही आरोप लगा रहे हैं और उन्हें धमकी दे रहे हैं।

यह बात भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को ‘भाजपा का बिल्ला लेकर घूम रहे अधिकारी’ कहे जाने पर अफसोस प्रकट करते हुए कही।

                डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने सखा स्व. संजय गांधी की उस मंडली के सदस्य रहे हैं, जिसने न सिर्फ आपातकाल लगाने जैसे निर्णय लिए, बल्कि जो संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों को लेकर होने वाले निर्णयों को भी प्रभावित करती थी। ऐसे में कमलनाथ से ज्यादा और कौन नेता इस बात को जानता होगा कि स्व. इंदिरा जी के समय इन पदों पर नियुक्तियों के पैमाने क्या होते थे, कैसे अपने पसंदीदा अधिकारियों को नियुक्त कराने के लिए नियमों, प्रक्रियाओं को तोड़ा-मरोड़ा जाता था। मध्यप्रदेश में भी कमलनाथ सरकार ने अपने 15 महीनों के कार्यकाल में यही किया है। कमलनाथ सरकार ने अपने कार्यकाल में चुन-चुनकर ऐसे अधिकारियों को तवज्जो दी, जो कांग्रेस के राजनीतिक उद्देश्यों के लिए काम कर सकते थे। डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि यदि यह बात सच नहीं है, तो कमलनाथ प्रदेश की जनता को यह बताएं कि कानून हाथ में लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को थप्पड़ मारने वाली कलेक्टर और एसडीएम के खिलाफ उन्होंने क्या कार्रवाई की? सार्वजनिक रूप से नागरिकता संशोधन कानून की आलोचना करके संवैधानिक मर्यादा की धज्जियां उड़ाने वाले कलेक्टर के खिलाफ क्या कदम उठाया? लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेता श्री शिवराजसिंह चौहान के हैलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति न देने वाले कलेक्टर पर क्या एक्शन लिया? डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए प्रशासन तंत्र का इस्तेमाल लोकतंत्र में किसी पाप से कम नहीं है और कांग्रेस ऐसे ही पापों के कारण आज सत्ता से बाहर है। डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि कमलनाथ को किसी अधिकारी-कर्मचारी के लिए ‘देख लेने’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि उन्हें इसका अवसर अब नहीं मिलने वाला और प्रदेश की जनता उन्हें और कांग्रेस पार्टी को ही ‘देख लेने’ का मन बना चुकी है। 

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