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प्रधानमंत्री ने अन्तर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहली बैठक का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन-आइसा समूचे विश्व के लिए जलवायु न्याय सुरक्षित कराने की दिशा में आशा की एक किरण बनकर उभरा है। आज नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहली सभा का उद्घाटन करते हुए श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि ऊर्जा की आवश्यकता के मामले में आइसा वही भूमिका अदा करेगा जो आज तेल उत्पादक देशों का संगठन ओपेक कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पेरिस समझौते के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अक्षय ऊर्जा के उपयोग की कार्य योजना पर काम करना शुरू कर दिया है।
हमने तय किया है कि साल 20-30 तक हमारी चालीस प्रतिशत बिजली की क्षमता नॉन सोर्सेस फ्यूल बेस संसाधन से पैदा हो। इसी लक्ष्य के तहत बीते चार वर्षों में भारत ने रिनेवल एनर्जी की अपनी क्षमता को 72 गीगावॉट यानी दोगुना किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सौर ऊर्जा अन्य सभी प्रकार की ऊर्जा का स्थान ले लेगा।




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