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प्रधानमंत्री का चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा है कि इच्छा शक्ति और श्रम-शक्ति किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी सम्पत्ति हैं। नई दिल्ली में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2018 के ग्रैंड फिनाले को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोग जब परिवर्तन का संकल्प ले लेते हैं तो सब कुछ संभव हो जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नवाचार में उन चुनौतियों का समाधान करने की ताकत है जिनका सामना विश्व को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हर समस्या के मूल कारण का पता लगाना जरूरी है और समस्याओं का समाधान कुछ अलग तरीके से करने के उपायों की आवश्यकता है। न्यू इंडिया का यह ट्रांसफार्मेशन क्या कुछ सीमित प्रयासों से संभव है। तो जवाब मिलेगा, जी नहीं। इसके लिए आवश्यक है समस्याओं की जड़ तक जा कर समाधान के लिए आउटऑफ बॉक्स, नए-नए तौर-तरीके, नए नए रास्ते खोजना। हमारी सरकार की यही कोशिश, हमें स्मार्ट इंडिया हैकॉथान इनेसिएटिव तक ले आई है। मुझे बताया गया है कि पिछले बार के हॉकॉथान में जो लगभग 60 प्रोजेक्ट फाइनल हुए थे उनमें से आधे पूरे होने वाले हैं, और बाकी अगले दो-तीन महीने में पूरे हो जाएंगे। श्री मोदी ने कहा कि ज्ञान किसी की बपौती नहीं है और यह बात सरकारों पर भी लागू होती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारें यह सोचती हैं कि वे अकेले परिवर्तन ला सकती हैं तो यह उनकी गलती है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन भागीदारी पूर्ण शासन से ही संभव है।




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