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प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांटों का काम अधूरा, दावे हवा-हवाई : कमलनाथ
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बताया कि यह हम सभी जानते है कि कोरोना की दूसरी लहर की कई माह पूर्व से मिल रही तमाम चेतावनियो के बावजूद प्रदेश की शिवराज सरकार ने इससे निपटने की कोई तैयारी प्रदेश में नहीं की ?
प्रदेश में इलाज-बेड-अस्पताल-ऑक्सीजन-इंजेक्शन की कोई तैयारी व व्यवस्था नहीं की , जिसके परिणामस्वरुप हज़ारों लोगों की मौत प्रदेश में इसके अभाव में हुई ?
और आज जब प्रदेश में कोरोना ख़त्म होने की कगार पर है तो अस्थायी कोविड सेंटरो का उद्घाटन किया जा रहा है ? जब इसकी आवश्यकता थी , तब इनके पते नहीं थे ?
नाथ ने बताया कि जब यह बात सामने आ चुकी है कि कोरोना के इलाज में सबसे कारगर भूमिका ऑक्सीजन की है तो भी शिवराज सरकार ने इसका कोई इंतज़ाम पहले से नहीं किया , जिसके कारण प्रदेश के कई जिलो में ऑक्सीजन की कमी से हज़ारों लोगों ने तड़प-तड़प कर अपनी जान गँवा दी ?
प्रदेश के होशंगाबाद के बाबई में 11 सितंबर 2020 को , 200 टन के जिस ऑक्सीजन प्लांट की आधारशिला ज़ोर-शोर रखी गयी थी और जिसे 6 माह में पूरा करने की बात की गयी थी , उसकी आज 9 माह तक बाउंड्रीवाल तक नहीं बन पायी ? यह सच्चाई आज सभी के सामने है ?
कोरोना की इस दूसरी लहर में हज़ारों लोगों की मौत के बाद सरकार जागी और उसने प्रदेश भर में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की बढ़-चढ़कर ख़ूब घोषणाएँ की , 101 प्लांट लगाने की बात की गयी , ज़िला अस्पतालों
मे ऑक्सीजन प्लांट लगाने की बाते की गयी। दावा किया गया कि मई माह के अंत तक यह सभी तैयार हो जाएँगे। प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहेगी , ऑक्सीजन के मामले में प्रदेश आत्मनिर्भर बन जायेगा ?
लेकिन बड़ी ही शर्म की बात है कि एक तरफ़ जब देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका व्यक्त की जा रही है , उसके बावजूद भी शिवराज सरकार द्वारा इसकी कोई तैयारी नहीं की जा रही है ?
आज भी प्रदेश के कई जिलो व ज़िला अस्पतालों में लगने वाले ऑक्सीजन प्लांट के कोई पते नहीं है , जिन ऑक्सीजन प्लांट का काम ज़ोर-शोर से शुरू किया गया था ,उसमें से कई आज भी अधूरे होकर , उनका काम ठप्प पड़ा है ?
कही अभी तक सिर्फ़ चबूतरा बना है , कही शेड और कही ढाँचा ? कही फंड की कमी बतायी जा रही है , कही मशीनो की अभी तक व्यवस्था नहीं हो पायी है ? कही आज तक काम ही शुरू नहीं हुआ है ?
ऐसे में हम कोरोना की तीसरी लहर से कैसे निपटेंगे ? यह बड़ा सवाल आज सामने है ?




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