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प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करना होगा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वर्तमान में कोरोना संकट से प्रदेश की आर्थिक स्थिति को उबारने के लिए हमें आगामी समय में अधिक से अधिक निवेश को प्रदेश में आकर्षित करना होगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाए, जिसमें उद्योगों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। समिति की अनुशंसा के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रदेश में उद्योगों की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव श्री मनीष रस्तोगी आदि उपस्थित थे।
173 बड़े एवं 1449 छोटे उद्योग चालू
प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि प्रदेश के कुल 370 बड़े उद्योगों में से वर्तमान में 173 उद्योग चालू हैं जिनमें 40 फार्मास्युटिकल्स, 34 खाद्य प्रसंस्करण, 15 उपभोक्ता वस्तुओं, 25 पैकेजिंक तथा अन्य 59 उद्योग हैं। इसी प्रकार प्रदेश के छोटे एवं मझौले 22 हजार 307 उद्योगों में से वर्तमान में 1449 इकाईयां संचालित हैं। इन इकाईयों को चालू रखने में इनमें 30 हजार श्रमिक कार्यरत हैं।
उद्योग चालू रखने में सावधानियां रखें
लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में गाइड लाइन अनुसार उद्योगों के संचालन में सावधानियां रखी जाना सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक संस्थान कार्य के हिसाब से अपनी एस.ओ.पी. लागू करें। सामाजिक दूरी के सिद्धांत का पालन सुनिश्चित करें। अपनी आंशिक क्षमता 40 से 50 प्रतिशत उत्पादन प्रारंभ करे। जहाँ तक संभव हो श्रमिकों की औद्योगिक परिसर में ही रहने की व्यवस्था करें। संक्रमित जिलों में से कोई भी श्रमिक आदि नहीं आएगा यह सुनिश्चित किया जाए। अधिक उम्र वाले मजदूरों, छोटे बच्चे वाली महिलाओं को कार्य पर नहीं बुलाया जाए तथा स्वस्थ मजदूरों को स्क्रीनिंग उपरांत ही कार्य पर लगाया जाए।
उद्योगों की अपेक्षाएं
बताया गया कि वर्तमान परिदृश्य में उद्योगों की शासन से अपेक्षाएं हैं कि उन्हें लंबित देय राशि का भुगतान हो, उद्योग नीति अंतर्गत सुविधाओं के लाभ हेतु निर्धारित समयावधि में शिथिलता मिले, औद्योगिक क्षेत्रों में वार्षिक भू-भाटक को स्थगित किया जाए, निवेश सहायता के लिए निर्धारित न्यूनतम उत्पादन क्षमता में शिथिलता की जाए तथा वास्तविक खपत के आधार पर मार्च से जून 2020 तक के विद्युत देयक का भुगतान लिया जाए।




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