-
दुनिया
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-
प्रतिष्ठित VIT ग्रुप के सीहोर कॉलेज में कुप्रबंधन से नाराज छात्रों का हंगामा, गाड़ियां जलाईं, तोड़फोड़…जांच कमेटी बनी
-
प्रदेश के लिपिकों का आंदोलन शुरू, जिला-तहसील मुख्यालयों में सौंपे गए ज्ञापन
मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने अपने लिपिकों का आंदोलन शुरू कर दिया है। पहले चरण में प्रदेश के समस्त जिला और तहसील मुख्यालयों में कलेक्टर/एसडीएम को मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपे गए।
संघ के घोषित कार्यक्रम के अनुसार मप्र लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ ने आज 11 अक्टूबर से आंदोलन की शुरुआत कर दी है। संघ ने दावा किया है कि आंदोलन के प्रथम चरण में आज प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों में कलेक्टर को और तहसील मुख्यालयों में एसडीएम को स्थानीय शाखाओं द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपे गए। भोपाल में प्रांताध्यक्ष मनोज वाजपेई कार्यकारी प्रांताध्यक्ष महमूद खान ने मुख्य सचिव कार्यालय में ज्ञापन दिया।
भोपाल जिला शाखा ने कलेक्टर अविनाश लवानिया को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। उचेहरा,नागौद, सीतामऊ, सरदारपुर, गाडरवारा, करेली, कालापीपल जैसी छोटी-छोटी तहसीलों पर भी लिपिकों ने उत्साह के साथ आंदोलन का आगाज किया है। लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के इस आंदोलन में प्रदेश के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की दीर्घ लंबित वेतन विसंगति दूर करने, अनुकंपा नियुक्ति से आये लिपिकों को सीपीसीटी से उन्मुक्ति देने, प्रदेश के समस्त लिपिकों को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान देने, पुरानी पेंशन बहाली, रमेश चंद्र शर्मा समिति की अनुशंसाएं लागू करने जैसी मांगों को शामिल किया गया है। संघ का कहना है कि 2018 में उक्त सभी मांगों पर तत्कालीन वित्तमंत्री से चर्चा हुई थी और तब सहमति भी बन गई थी लेकिन आश्वासन के बाद भी मांगों पर आदेश नहीं हुए। जबकि लिपिकों ने वित्त मंत्री के आश्वासन पर आंदोलन वापस ले लिया था।




Leave a Reply