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प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल, स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें: सलूजा
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा है कि बड़ी ही शर्मनाक बात है कि शिवराज सरकार में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 8 माह के जो आंकड़े सामने आए हैं , वह बेहद चौकने वाले हैं, इस दौरान 15 हजार 519 बच्चों ने दम तोड़ दिया है। अकेले शहडोल के जिला अस्पताल में 519 बच्चों की अकाल मौत हो गई है, वहीं अनूपपुर अस्पताल में यह आंकड़ा 120 बच्चों का है और वहीं मंडला में 61 दिन में 28 बच्चों की मौत हो चुकी है।
सलूजा ने कहा कि पूरे प्रदेश में सरकारी अस्पतालों की यही स्थिति है।सरकार द्वारा शहडोल में अभी तक जितनी भी जांच टीम भेजी गई हैं उन्होंने महज खानापूर्ति और लीपापोती का काम किया है, डाॅक्टरों को क्लीन चिट देने का काम किया है लेकिन प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान इस पूरे मामले पर मौन हैं, वे न जाने कहां गायब हैं ? उन्होंने एक समीक्षा बैठक की, लेकिन उसके बाद भी बच्चों की मौत का आंकड़ा नहीं थम रहा है। 10 दिन के अंदर 14 बच्चों की मौत हो गई है और यह आँकड़ा बढ़ता जा रहा है।स्वास्थ्य मंत्री डाॅक्टरों के एजेंट बनकर काम कर रहे हैं और दोषियों को क्लीन चिट दे रहे हैं। वे कह रहे हैं इलाज में कोई खामी नहीं है। जबकि रिपोर्ट में साफ बताया जा रहा है कि लापरवाही के कारण बच्चो की मौत हुई है, यह पूरी तरह से सरकार की घोर लापरवाही है।
सलूजा ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी नैतिकता के नाते तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें, क्योंकि वे स्थिति संभालने में नाकाम साबित हो रहे हैं। कांग्रेस मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से भी मांग करती है कि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में असफल मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जायें। शहडोल, अनूपपुर, मंडला के सरकारी अस्पतालों में तत्काल आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, इलाज के लिए समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की मौंत को रोका जा सके।




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