प्रतिबंधित मार्ग पर जुलूस निकालने की अनुमति देने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

उज्जैन में घटित साम्प्रदायिक घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक से मुलाकात कर कार्यवाही किये जाने माँग की है। कांगे्रस के प्रतिनिधि मंडल ने उक्त दोनों उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराई जाने की मांग की और सवाल उठाया कि प्रतिबंधित मार्ग पर जुलूस निकालने किसने अनुमति दी।

कांग्रेस का आरोप है कि उज्जैन में घटित हुई घटना में प्रशासन द्वारा अनुचित कार्यवाही की गई है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मांग करते हुए कहा है कि उज्जैन में घटित घटना में अनुचित तरीके से बनाये गये आरोपियों पर रासुका की कार्यवाही अनुचित है, उनके खिलाफ लगायी गई रासुका तत्काल हटाई जानी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि एक तरफ तो कोरोना के चलते विधानसभा सत्र तक स्थगित कर दिया गया, वहीं दूसरी और भाजपा एवं उनके सहयोगी संगठनों के लोग बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्रों में जुलूस निकाल रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शन बनकर मौन है।
वर्मा ने कहा कि उज्जैन में उन निरपराध लोगों पर रासुका लगाई गई है, जिनके खिलाफ आज तक कोई सुई बराबर प्रकरण दर्ज नहीं है। हमने आज सारे विधायकों के साथ मुख्य सचिव व डीजीपी से कहा कि जो मार्ग प्रतिबंधित है उस पर जुलूस निकालने की अनुमति किसने दी और अनुमति नहीं थी तो प्रशासन ने जुलूस को रोका क्यों नहीं? उस जूलस में कई असामाजिक तत्व ऐसे थे जिन पर पहले से रासुका लगी थी, जिसके हमने वीडियो फुटेज भी सौंपे और मांग की कि इसकी निष्पक्ष जांच करा कर न्यायोचित कार्यवाही की जाए, ताकि प्रदेश का वातावरण दूषित होने से बच सके।
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उज्जैन में घटित घटना के बाद कई ऐसे लोगों पर रासुका की कार्यवाही की गई है जिन पर पहले कभी कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने यह भी कहा कि भाजपा संरक्षण प्राप्त अपराधी प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति जुलूस निकाल रहे हैं और उनको राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है ताकि वो आगामी नगरीय निकाय चुनावों का माहौल खराब कर सकें। प्रतिनिधि मंडल के सदस्य कांगे्रस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि जिन लोगों द्वारा घटना की शुरुआत की गई एवं नारेबाजी से लोगों को उत्तेजित किया गया उनके खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही कोई उचित कार्यवाही की गई। प्रतिनिधि मंडल में उज्जैन की घटना की जांच हेतु कांग्रेस द्वारा बनायी गई सिमति में वर्मा के साथ विधायक रामलाल मालवीय, विधायक रवि जोशी, विधायक महेश परमार आदि भी शामिल थे।

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