सीधी का पेशाबकांड हर रोज नया मोड़ ले रहा है। पहले आरोपी भाजपा का नहीं होना बताया, फिर सीएम ने पैर धोए तो पीड़ित ने आरोपी प्रवेश शुक्ला को माफी दी और अब वही वीडियो में उसके होने से कर रहा इनकार। वहीं, भाजपा की महिला नेता और पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले पैर धोने को नौटंकी बताती नजरआईं लेकिन कुछ घंटे बाद ही उनका ट्विटर पर की गई पोस्ट हटा ली गई। पढ़िये इस मामले में पूरी रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश के सीधी पेशाबकांड को लेकर अभी भी रोज नई तस्वीर सामने आ रही है। पहले दिन जब वीडियो वायरल हुआ था तब भाजपा के स्थानीय विधायक केदार शुक्ला ने आरोपी प्रवेश शुक्ला को अपने या भाजपा से जुड़े होने से ही इनकार कर दिया था और इसके बाद भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर बात नहीं की। मगर सोशल मीडिया पर प्रवेश शुक्ला की नियुक्ति और बड़े भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल हुईं तो किसी ने पलटकर उसका जवाब नहीं दिया। विवाद बढ़ा तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा को देर शाम को मीडिया के सामने आकर बयान देना पड़ा कि अपराधी की कोई जाति-धर्म नहीं होता है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देकर मामले को नेताओं ने समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
मामला थमा नहीं तो पीड़ित सीएम हाउस का विशेष मेहमान बना पेशाबकांड की गूंज जब देशभर में हुई और तमाम प्रतिक्रियाएं आईं तो पीड़ित को भोपाल लाकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सीएम हाउस में उसे विशेष मेहमान बनायाा। यहां उसका न केवल स्वागत सत्कार हुआ बल्कि सीएम ने उसके पैर भी धोए। वहीं से पीड़ित के परिवार से सीएम ने बात की और पीड़ित को उन्होंने अपना भाई बताते हुए आर्थिक मदद व मकान बनवाने का वादा किया।
सीधी में गांव पहुंचकर पीड़ित ने वीडियो में अपने होने से किया इनकार भोपाल में सीएम हाउस में स्वागत सत्कार के बाद पीड़ित सीधी के अपने गांव पहुंचा तो वहां मीडिया ने उसके सामने कैमरे लगा दिए। हर मीडिया वाला उससे अलग से इंटरव्यू करता नजर आया। वह गांव का हीरो बन गया था लेकिन उसके मन में बैठा डर बयानों में झलका। उसने घटना के आरोपी प्रवेश शुक्ला को पंडित बताते हुए कहा कि अब जो हुआ तो हुआ। वह अब कुछ नहीं चाहते। प्रवेश शुक्ला को माफ कर देना चाहिए। पीड़ित यहीं नहीं रुका बल्कि उसने कैमरे के सामने यह भी कह दिया कि जिस वायरल वीडियो को लेकर इतना बवाल मचा है, उसमें वह नहीं है।
भाजपा नेता मेहदेले ने सोशल मीडिया पर नौटंकी बताकर पोस्ट हटाई आज पेशाबकांड में रात को एक नया मोड़ आया और बुंदेलखंड की बीजेपी नेता व पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले ने ट्विटर पर इससे जुड़े पोस्ट अपलोड की। उन्होंने पोस्ट पीड़ित आदिवासी को दारू खोर बताते हुए लिखा कि कैसी कैसी नोटंकी हो रही हैं। दारू खोर के पैर धोए जा रहे हैं और लाखों रुपए दिए जा रहे हैं। मेहदेले की यह पोस्ट करीब दो घंटे तक सोशल मीडिया पर वायरल हुई और कांग्रेस ने कई जगह उसे फारर्वड किया। इसके बाद अचानक मेहदेले के ट्विटर एकाउंट से पोस्ट हट गई।
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