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पेगासस जासूसी गेट की जांच की मांग को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौपा
अभा कांगे्रस कमेटी के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश कांगे्रस कमेटी के एक प्रतिनिधि मंडल ने पेगासस जासूसी गेट की जांच प्रतिपक्ष की सहमति से चयनित सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज से कराये जाने की मांग को लेकर राज्यपाल मंगूभाई छ. पटेल को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचैरी के नेतृत्व में कांगे्रस महामंत्री व मीडिया प्रभारी के.के. मिश्रा, मीडिया उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता, मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा आदि ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा कि चिंता का विषय है कि अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और मीडिया समूह ने 50 से अधिक देशांे में जासूसी के कांड का भांडाफोड़ किया है। जिसमें ऐसे समाचार हैं कि सरकार के केबिनेट मंत्री, मुख्य न्यायाधीश, प्रतिपक्ष के नेता, भारत की सेनाओं के पूर्व अध्यक्ष, पत्रकार, वकील और जन कार्यकर्ताओं की जासूसी भाजपा सरकार द्वारा की गई है। इन समाचारों में यह भी सामने आ रहा है कि कांगे्रस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जी और उनके निजी मित्रांे की भी जासूसी की गई है। वर्ष 2019 के संसदीय चुनावों के दौरान एक ऐसे साफ्टवेयर पेगासस के माध्यम से जासूसी करना रिपोर्ट हुआ है। जो साफ्टवेयर केवल सरकारों को ही बेचा जाता है।
इस परिप्रेक्ष्य में महामहिम राज्यपाल के माध्यम से कांगे्रस पार्टी, भारत के महामहिम राष्ट्रपति जी से मांग करती है कि वे देश की संप्रभूता को अक्षुण्य रखने के लिए सरकार को शपथ-पत्र देने के लिए निर्देशित करें कि भारत सरकार इस साफ्टवेयर के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करे। जिससे यह सिद्ध किया जा सके कि भारत की सुरक्षा, नागरिकों की निजता और शासन प्रणाली में अवांछित हस्तक्षेप न तो किया गया है और न ही संभव है।
कांगे्रस पार्टी यह भी मांग करती है कि प्रतिपक्ष की सहमति से चयनित सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज से इस प्रकरण की जांच करवाकर दूध का दूध और पानी का पानी किया जाये। पूरी दुनिया की नजरें आज भारत गणतंत्र की ओर लगी हुई हैं। हमारे दुनिया के सबसे बड़े प्रजातंत्र की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।




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