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पूर्व राष्ट्रपति कलाम नहीं रहे
पूर्व राष्ट्रपति अबुल पाकिर जैनुलआब्दीन (एपीजे) अब्दुल कलाम का सोमवार को शिलांग में निधन हो गया। वे वहां आईआईएम के के स्टूडेंट्स को व्याख्यान देने गए थे कि अचानक गिर पड़े और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 83 वर्ष के थे।
पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश में भी सात दिन का राष्ट्रीय शोक रहेगा। हालांकि उनकी इच्छा के अनुसार निधन पर किसी भी प्रकार का अवकाश घोषित नहीं किया गया है। बस कहीं भी मनोरंजक कार्यक्रम नहीं होंगे।
मिसाइल मैन के नाम से प्रख्यात अब्दुल कलाम यूपीए सरकार के समय 2002 में राष्ट्रपति बने थे और 2007 तक उनका कार्यक्रम रहा। वे निर्विवाद रहे। रामेश्वरम में जन्मे कलाम का जीवन बहुत ही संघर्षमय रहा लेकिन उनकी लगन-इच्छा शक्ति के बदलौत वे शीर्ष पद तक पहुंचे। उनके पिता नाविक थे और मां गृहणी। वे डीआरडीओ तथा इसरो में रहे। उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत रत्न की उपाधियां भी दी गईं।




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