-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
पुलिसकर्मी एससी/एसटी एक्ट की जानकारी गहराई से रखें: अरूणा
विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण श्रीमती अरूणा मोहन राव ने आज अजाक शाखा पुलिस मुख्यालय से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों के प्रति संवेदनशीलता पर दो दिवसीय राजस्तरीय वेबिनार का शुभारंभ किया। श्रीमती राव ने कहा कि सभी पुलिस-कर्मियों को एससी/एसटी एक्ट की जानकारी गहराई से होना चाहिए। इसके लिए सोशल मीडिया का उपयोग भी किया जाना चाहिए।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने दो दिवसीय वेबिनार में होने वाली गतिविधियों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य कमजोर वर्गों के प्रति विवेचक अधिकारियों की संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ विधि में परिवर्तन और न्यायालयीन निर्णयों से अपडेट करने के साथ ही उत्कृष्ट विवेचना के प्रकरणों पर परिचर्चा आदि है। इस वेबिनार में प्रदेश भर के थानों एवं कार्यालयों से निरीक्षक से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के 67 कर्मचारी/अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ये सभी विषय विशेषज्ञों से परस्पर संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे। आज राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय भोपाल विधि विशेषज्ञ एवं कार्डिफ लॉ स्कूल, ब्रिटिश कौंसिल स्कॉलरशिप, टेक्सास इन्स्ट्रूमेंट्स स्कॉलरशिप (यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन) तथा एएमयू मेरिट स्कॉलरशिप से सम्मानित प्रोफेसर श्री गयूर आलम ने सारणीबद्ध आंकडों के प्रस्तुततीकरण के माध्यम से कमजोर वर्ग के खिलाफ जाति के आधार पर होने वाले अत्याचारों की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एससी और एसटी वर्ग के पिछड़ेपन का कारण अल्प शिक्षा है, इसलिये शिक्षा में सुधार कर हम समाज सभी वर्गों को विकास का समान अवसर प्रदान कर सकते हैं।
सेवानिवृत्त उप पुलिस महानिरीक्षक श्री आई.पी.अरजरिया ने अपने व्याख्यान में समय समय पर थानों का भ्रमण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई अभियान चलाया जाता है तो उसकी भी समीक्षा की जानी चाहिए। एससी/एसटी एक्ट का हर मामला गंभीर माना जाता है। रेंज पुलिस अधीक्षक अजाक को इस प्रकार के मामलों का स्वयं पर्यवेक्षण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आस-पड़ोस के वाद-विवाद, मनमुटाव, भूमि, सीमांकन, लेनदेन जैसे प्रकरणों को सामाजिक न्याय सशक्तिकरण केन्द्रों के माध्यम से सुलझाया जा सकता है, जिससे साधारण मामलों को गंभीर रूप लेने से पहले ही समाप्त हो जायें।
कार्यक्रम का संचालन सहायक पुलिस महानिरीक्षक अजाक श्री डी.आर. तेनीवार ने किया। इस अवसर समनि अजाक श्रीमती नीतू डाबर द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस वेबिनार का समापन 11 दिसंबर को अपराह्न 12:40 बजे पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी के मुख्य आतिथ्य में होगा।




Leave a Reply