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पीएचक्यू ने चोटी कटने की जांच रिपोर्ट तलब की
उज्जैन-रतलाम में एक पखवाड़े के भीतर चोटी काटने की पांच घटना को पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लेकर रिपोर्ट तलब की है। मामले की एफएसएल परीक्षण किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार यह घटना उज्जैन जिले के तराना थाना क्षेत्र में दो स्थानों पर हुई थी। इसके अलावा भेरूगढ़, नालाखेड़ा और राघवी में एक-एक जगह चोटी काटने की जानकारी सामने आ चुकी है। जांच कर रहे एफएसएल के वरिष्ठ वैज्ञानिक अरविंद नायक ने बताया कि दो घटनास्थल ऐसे है जिसमें कोई व्यक्ति भीतर नहीं आया और भीतर से कोई बाहर नहीं निकला। दाे घटनाओं में कैंची का इस्तेमाल हुआ है। जबकि एक घटना में बाल सीधे नहीं कटे हैं। उस जगह हमें जांच के दौरान अरन्या वृक्ष के तीन पत्ते भी मिले। यह घटना बीच खेत में अंजाम दी गई। पत्तों पर राख, सिंदूर भी मिला है। एक घर में दो भाई का परिवार साथ में रहता है। यहां भी बाहर से कोई भीतर नहीं आया। सभी घटनाएं एक सप्ताह के भीतर सामने आई है। इसलिए घटनाओं को लेकर गंभीरता बरती जा रही है।
मामले में गंभीरता
उज्जैन में ही पांच घटनाएं सामने आई है। इसके अलावा रतलाम में भी एक घटना सामने आने से इस मामले को पीएचक्यू गंभीरता से ले रहा है। इस मामले में उज्जैन को सर्वाधिक फोकस किया जा रहा है। दरअसल, उज्जैन नगरी धार्मिक नगरी है और यहां से फैली अफवाह प्रदेश में व्यापक तरीके से फैल सकती है। इसलिए पीएचक्यू इन घटनाओं पर एक सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट करने की मशक्कत में जुटा है।




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